
जमशेदपुर : झारखंड के रमणिक और धार्मिक पर्यटन स्थल देवघर में जहरीला पदार्थ बेचने का खुलासा हुआ है. देवघर के एसडीओ विशाल सागर ने श्रावणी मेला-2019 के दौरान मेला क्षेत्र में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की जांच की थी. जांच के दौरान उन्होंने 90 दुकानों से सैंपल को इकट्ठा किया था. इस सैंपल की रिपोर्ट अब जाकर आयी है. इसमें पाया गया है कि 90 में से 39 दुकानदारों के खाद्य पदार्थ अगुणवत्तापूर्ण और नकली ब्रांड के थे. इसमें से 11 ऐसे खाद्य पदार्थ भी पाये गलये है, जिसका प्रयोगशाला में जांच के उपरांत पाया गया कि वे श्रावणी मेला में पूजा अर्चना हेतु आये श्रद्धालुओं और अन्य लोगों के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकता है. अनुमंडल पदाधिकारी ने बताया कि ये सभी 39 दुकानदार, जिनके खाद्य पदार्थ के गुणवत्ता में दोष पाये गए हैं, उसके लिए 5 लाख रुपये तक का अर्थदंड एवं नकली ब्रांड के खाद्य पदार्थ हेतु 3 लाख रुपये तक का अर्थदंड का प्रावधान है. उन्होंने आगे कहा कि खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता की जांच में दोषी पाए गए सभी दुकानदारों के विरुद्ध जिला दण्डाधिकारी के न्यायालय में केस दर्ज कराने हेतु संचिका को अग्रसारित की जा चुकी है एवं 11 वैसे खाद्य पदार्थ के विक्रेता, जिनके खाद्य पदार्थो का प्रयोगशाला में जांच के उपरांत उसे हानिकारक पाया गया, उन सभी दुकानदारों के विरुद्ध अग्रेतर कार्रवाई हेतु संचिका खाद्य सुरक्षा आयुक्त, रांची को भेजा जा रहा है एवं खाद्य सुरक्षा आयुक्त से प्राप्त अप्रूवल के उपरांत इन सभी दुकानदारों पर उचित कार्रवाई की जायेगी. राजकीय श्रावणी मेला-2019 के दौरान श्रद्धालुओं को हर संभव सुविधा मुहैया कराने हेतु व्यापक इंतजाम किये गए थे एवं मेला क्षेत्र में खाद्य पदार्थ विक्रय करने वाले सभी दुकानदारों व विक्रेताओं को निदेशित किया गया था कि वे यहां आगंतुक श्रद्धालुओं को स्वच्छ, ताजा व गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराये, ताकि अगुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ से उन्हें किसी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या उत्पन्न न हो. इसके अलावा श्रावणी मेला के दौरान इस बार मोबाइल लैब (चलंत) की भी व्यवस्था की गयी थी, जिसमें दूध, खोवा, पनीर, घी, ऑयल, चावल, दाल, हल्दी, बेसन, पानी, फु्रट जूस आदि का पीएच वैल्यू व टीडीएस की जांच किया गया था. इसके अलावे मेला के दौरान खाद पदार्थो में मिलावट करने वालो पर कड़ी कार्रवाई के साथ सख्ती से निपटने हेतु तीन अतिरिक्त खाद सुरक्षा पदाधिकारी भी प्रतिनियुक्त किये गये थें एवं मेला के दौरान सभी प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों को सख्त निर्देश दिया गया था कि वे सम्पूर्ण मेला क्षेत्र का भ्रमण कर स्थायी व अस्थाई होटलों के साथ खाने-पीने के दुकानों का निरीक्षण कर आवश्यकतानुसार खाद्य पदार्थों के नमूनों को विधिवत संग्रहित कर उनके सैंपल को जांच हेतु खाद विशलेषक राज्य खाद जांच प्रयोगशाला नामकुम, रांची भेजें, जिसके आलोक में मेला के दरम्यान खाद्य पदार्थ विक्रेताओं द्वारा बिक्री किये जाने वाले खाद्य पदार्थों के नमूने को संग्रहित कर जांच हेतु प्रयोगशाला भेजा गया था. इस संबंध में फूड इंस्पेक्टर दिनेश मरांडी द्वारा जानकारी दी गई कि खाद्य पदार्थ के जांच के उपरांत दोषी पाए गए सभी दुकानदारों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की जाएगी एवं सभी को नोटिस भेजी जाएगी एवं उन्हें अपना पक्ष भी रखने का मौका भी दिया जाएगा। तत्पश्चात आगे की कार्रवाई प्रारंभ की जायेगी.







