
जमशेदपुर : जमशेदपुर में अवैध तरीके से सैनिटाइजर को ऊंची कीमतों में बेचने के आरोपी दवा कारोबारी बाप-बेटे को पुलिस ने शनिवार को जेल भेज दिया. तबीयत बिगड़ने का बहाना बनाने के बावजूद पुलिस ने उसको टांगकर पहले एमजीएम अस्पताल में मेडिकल की जांच करायी और फिर उसको जेल भेज दिया. शुक्रवार को जमशेदपुर के जुगसलाई थाना क्षेत्र के डिकोस्टा रोड स्थित श्री बालाजी ट्रेडर्स में तय कीमत से ज्यादा दर पर सेनिटाइइजर बेचे जाने की शिकायत पर ड्रग्स कंट्रोल विभाग द्वारा छापामारी की गई थी.
वहीं पूरे मामले में श्री बालाजी ट्रेडर्स के संचालक अशोक कुमार अग्रवाल और उनका पुत्र सुनील कुमार अग्रवाल दोषी पाया गया, जिन्हे शनिवार को विभाग द्वारा पुष्टि किए जाने के बाद जेल भेज दिया गया. उक्त कारोबारियों के खिलाफ कमोडिटी एक्ट के तरह मामला दर्ज किया गया है. इसके तहत दोष सिद्ध होने पर सात साल की सजा का प्रावधान है. वहीं इस मामले में निचली अदालत से जमानत का कोई प्रावधान नहीं है. वैसे दोनों को मेडिकल जांच के बाद न्यायालय में पेश किया गया. जहां से दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है. इस कार्रवाई के बाद इलाके के दवा कारोबारियों में हड़कंप है.
बरामद सैनिटाइजर की होगी जांच, गलत आयी रिपोर्ट तो नये धारा जुड़ेंगे
जुगसलाई से पकड़े गये दवा कारोबारियों के पास से बड़े पैमाने पर सैनिटाइजर को भी जब्त किया गया है. इसकी केमिकल जांच होगी. केमिकल जांच होने के लिए कोलकाता के लैबोरेटोरी में भेज दिया गया है. लैब से रिपोर्ट आने के बाद आगे की और कार्रवाई की जायेगी. अगर लैब रिपोर्ट में किसी तरह का कोई मिलावट पाया जाता है तो निश्चित तौर पर कार्रवाई की जायेगी जबकि नये धाराओं के तहत मुकदमा को और मजबूत किया जायेगा. इसको लेकर ड्रग इंस्पेक्टर की ओर से बड़ी कार्रवाई की जा रही है. इसको लेकर और सबूत जुगाड़ किये जा रहे है.
जुगसलाई और बर्मामाइंस में पकड़े जा चुके है सैनिटाइजर व फेनाइल के डुप्लीकेसी करने वाले
जुगसलाई और बर्मामाइंस से भी सैनिटाइजर और फेनाइल के डुप्लीकेसी करने वाले पकड़े जा चुके है. हालांकि, अब तक ऐसी कार्रवाई नहीं की गयी है. इस कार्रवाई को लेकर सबकी निगाहें टिकी हुई है. यहां तो डुप्लीकेट सैनिटाइजर बनाया जा रहा था जबकि डुप्लीकेट हैंडवाश और फेनाइल तक बनाया जा रहा था, जिससे कीड़ा नहीं मर सकता था. सिर्फ पानी में रंग मिलाकर ही लोगों को ऊंची कीमतों में बेच दिया जाता था.




