
जमशेदपुर : टाटा स्टील अपनी सहयोगी कंपनी जुस्को (टाटा स्टील यूटिलिटीज एंड सर्विसेज कंपनी लिमिटेड) के साथ मिलकर कोरोना वायरस की लड़ाई लड़ रही है. इस कड़ी में टाटा स्टील ने झारखंड सरकार के मुख्यमंत्री राहत कोष में 10 करोड़ रुपये दान में दिये है. यह दस करोड़ रुपये टाटा समूह या रतन टाटा के कुल 1500 करोड़ रुपये से अलग है. यह सिर्फ टाटा स्टील ने झारखंड में कोरोना वायरस से लड़ने के लिए दस करोड़ रुपये दिये है. आपको बता दें कि इससे पहले टाटा समूह ने कुल 1500 करोड़ रुपये प्रधानमंत्री राहत कोष में कोरोना वायरस से लड़ने के लिए दिये है. इसकी जानकारी टाटा स्टील के सीएसआर चीफ सौरभ राय, टाटा स्टील मेडिकल सर्विसेज के जीएम डॉ राजन चौधरी, टाटा स्टील कारपोरेट कम्यूनिकेशन के चीफ कुलविन सुरी और हेड रुना राजीव कुमार ने संयुक्त रुप से टेलीकांफ्रेंसिंग सिस्टम के जरिये आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहीं. इस दौरान टाटा स्टील के मेडिकल सर्विसेज के जीएम डॉ राजन चौधरी ने बलताया कि टाटा स्टील के टाटा मुख्य अस्पताल (टीएमएच) के सहयोग से लोगों को पर्याप्त इलाज की व्यवस्था की गयी है जबकि लोगों को राशन, खाना और जरूरी सामान भी मिले, इसके लिए भी कोशिशें की जा रही है. इसके तहत टाटा स्टील ने तय किया है कि पूरे कोल्हान में अब राशन उपलब्ध कराया जायेगा और खाना भी बांटा जायेगा. वैसे जमशेदपुर में अब तक 41 हजार लोगों तक खाना पहुंच रहा है और रविवार तक 50 हजार लोगों को खाना मिलना शुरू हो जायेगा. इस मौके पर टाटा स्टील मेडिकल सर्विसेज के जीएम डॉ राजन चौधरी ने बताया कि वर्तमान में टीएमएच में 500 आइसोलेशन बेड तैयार है जबकि 37 सीसीयू बेड तैयार है, जिसकी संख्या 40 सीसीयू बेड किया जा सकता है. जीएम ने बताया कि टीएमएच और टाटा स्टील के किसी भी अस्पताल में अब तक कोरोना वायरस पोजिटिव केस नहीं मिला है. अब तक कुल 60 संदिग्ध मरीज आये है, जिसकी जांच की गयी है. इसमें से 13 लोगों की जांच रिपोर्ट नहीं आयी है. वैसे टीएमएच में अब तक टेस्टिंग की सुविधा नहीं है. ब्लड सैंपल लेकर एमजीएम अस्पताल भेजा जाता है, जहां से नेगेटिव रिपोर्ट आने के बाद आगे का चेकअप किसी भी मरीज का किया जाता है और कई लोगों को होम क्वारंटाइन भी किया जाता है. होम क्वारंटाइन के लिए उनको फोन से फॉलोअप भी किया जाता है. इस मौके पर जीएम ने यह साफ किया कि इलाज में किसी तरह भी कर्मचारी या गैर कर्मचारी को लेकर अलग-अलग कोई व्यवस्था नहीं है. सबके लिए बराबर इलाज की व्यवस्था है. जीएम ने यह भी कहा कि जमशेदपुर ही नहीं टाटा स्टील के सारे सेंटर और अस्पतालों में इलाज के लिए भारत सरकार का जो गाइडलाइन है, उस गाइडलाइन के मुताबिक, सारी दवाएं और इलाज के इंतजाम है.
जोमैटो से मिलेगी सब्जियां, टाटा स्टील किसानों से खरीदकर जोमैटो को पहुंचा रही सब्जियां, ऑर्डर करें
टाटा स्टील की ओर से जमशेदपुर और आसपास के सारे किसानों को जोड़ने के लिए जोमैटो के साथ हाथ मिलाया है. करीब पटमदा और बोड़ाम प्रखंड के करीब 150 किसानों से सब्जियों को खरीदकर सोनारी और भालुबासा इलाके से सब्जियों का वितरण किया जा रहा है. लोग जोमैटो के एप के जरिये ही सब्जियों का ऑर्डर कर सकते है और बाजार रेट से कम पर यह सब्जियां मिल रही है. लोगों को नियत समय पर सारी सब्जियां उपलब्ध होने लगेंगी. पत्ता गोभी, फुलगोभी, पटल, भिंडी, बरबट्टी समेत तमाम सब्जियां इसके माध्यम से लोग खरीद सकते है, जो फ्रेश भी है. करीब 35 डिलीवरी ब्याय की मददली जा रही है, जिसके माध्यम से सब्जियों की बिक्री की जा रही है. वैसे लॉजिस्टिंग में करीब 7 लोग जुड़े हुए है. चीफ सीएसआर सौरभ राय ने बताया कि कोल्हान के हर इलाके में भी अब राशन की डिलीवरी के लिए हम लोग कदम बढ़ा रहे है. खाना कैसे लोगों तक पहुंचा सकते है, इसकी भी कोशिश हो रही है, जिसके लिए सामाजिक संगठनों की भी मदद ली जा रही है. इसके अलावा मास्क का भी वितरण किया जा रहा है, जिसको 80 महिलाओं द्वारा तैयार किया जा रहा है. सीएसआर चीफ ने बताया कि वेस्ट बोकारो में करीब 950 लोगों को जबकि ओड़िशा में करीब 1500 लोगों को भी खाना खिलाने का अभियान चलाया जा रहा है.





