
जमशेदपुर : जमशेदपुर के परसुडीह थाना पुलिस ने बीते 12 अप्रैल को एलबीएसएम कॉलेज मोड़ के समीप गैताडीह स्थित एक दुकान में चोरी की घटना का खुलासा करते हुए पांच अपराधकर्मियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. वैसे गिरफ्तार 5 अभियुक्तों में से तीन नाबालिग है, जबकि एक का नाम सागर भूमिज व दूसरे का नाम होपन सोरेन बताया जा रहा है. पुलिस ने इनके पास से तीन सेट भीवो मोबाइल और 5 जोड़ी चप्पल व सैंडल बरामद किया है. वहीं पुलिस ने बताया की सभी अपराध कर्मियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है.

इसी तरह जमशेदपुर में फल विक्रेताओं को अपनी दुकान के आगे हिंदू फल दुकान लिखना महंगा पड़ गया है. जहां जमशेदपुर के कदमा बाजार स्थित एक फल दुकानदार ने अपनी दुकान के आगे हिंदू फल दुकान लिखकर अपने फलों को बेच रहा था, इसी दौरान किसी ने मुख्यमंत्री को ट्वीट कर इसकी जानकारी दी. जिसके बाद मुख्यमंत्री ने मामले पर संज्ञान लेते हुए जमशेदपुर एसएसपी को कार्यवाई करने का फरमान जारी कर दिया.

वहीं एसएसपी ने कदमा थाना पुलिस को उक्त फल विक्रेता कार्रवाई करने का निर्देश जारी कर दिया. जिसके बाद कदमा थाना पुलिस फल विक्रेता पर 107 का केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई में जुट गई है. उधर इस कार्रवाई को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गया है. जहां राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने इसे तुष्टीकरण की राजनीति बताया, तो विश्व हिंदू परिषद के पूर्व जिला अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह ने जमशेदपुर पुलिस और राज्य सरकार पर तीखे हमले किए हैं. साथ ही शहर के कई संगठनों ने भी इस कार्रवाई पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त किया है. पूरे देश मे इसको लेकर ट्विटर पर जंग छिड़ी हुई है।

इस बीच जमशेदपुर पूर्वी के विधायक और पूर्व मंत्री सरयू रॉय ने ट्वीट कर कहा है कि झारखंड में सोशल मीडिया के आधार पर सिर्फ कार्रवाई करना गलत है। जमीनी हकीकत देखी जानी चाहिए थी। उन्होंने बताया है कि किसी को हटाया नही जाएगा। इसके अलावा भी कई लोगो ने विरोध किया है और इसको लेकर माहौल गरमा गया है।




