
जमशेदपुर : टाटानगर रेलवे स्टेशन से 25 जुलाई 2019 को 3 साल की बच्ची का अपहरण कर उसके साथ बर्मामाइंस में एक मकान में ले जाकर दुष्कर्म करने और फिर बच्ची का सिर काटकर फेंक देने के तीनों आरोपियों जमशेदपुर के टेल्को रामाधीन बगान निवासी रिंकू साव, कैलाश कुमार और मोनू मंडल को जमशेदपुर कोर्ट ने सोमवार को सजा सुनाई है. तीनो में से किसी को इतने जघन्य अपराध के लिए फाँसी की सजा नही सुनाई गई. सोमवार को सुनाई गई सजा के तहत आरोपी रिंकू साव को मौत होने तक आजीवन कारावास और 90 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जबकि दूसरे आरोपी मोनू मंडल को 10 साल कारावास और 20 हजार रुपये और कैलाश कुमार को 7 साल और 10 हजार रुपये की सजा सुनाई गई. इन तीनो आरोपियों को 12 जून 2020 को दोषी करार दिया था, जिसके बाद सोमवार को सजा सुनाने का दिन मुकर्रर की गई थी. सोमवार की सुबह इस मामले में सजा के बिंदु पर हुई सुनवाई और बहस के बाद जमशेदपुर कोर्ट के अपर न्यायाधीश-5 सुभाष प्रसाद की अदालत ने सारे तीनों आरोपियों को सजा सुनाई. कोर्ट ने इसे जघन्यतम अपराध मानते हुए फांसी की सजा सुनाई. दोषी करार देने के बाद आरोपियों को या तो फांसी की सजा होनी थी या फिर आजीवन कारावास की सजा सुनायी जाती. कोर्ट ने सभी पहलुओं को देखने और दलील को सुनने के बाद सारे आरोपियों को फांसी की सजा नही सुनाई. इस मामले के आरोपी जमशेदपुर के टेल्को रामाधीन बगान निवासी रिंकू साव, कैलाश कुमार और मोनू मंडल के बचाव में वकीलों ने काफी दलीलें भी दी, जिसका लाभ उन लोगो को मिला और एक आरोपी को ही आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई. दरअसल, तीनों के खिलाफ रेलवे पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत किये. कुल 30 गवाही हुई. सभी गवाह ने घटना के दोषियों को ही आरोपी बताया जबकि सीसीटीवी फुटेज में भी साफ तौर पर आरोपी दिख रहे थे कि किस तरह बच्चा का अपहरण किया था. उसके बाद उसका शव मिला था. उनकी निशानदेही पर टेल्को रामाधीन बगान के पानी टंकी के पास काफी दिनों के बाद बच्ची का सिर बरामद किया गया था. बच्ची के सिर को आवारा कुत्ता नोंच रहा था कि उसके शव को बरामद किया जा सका. रेलवे पुलिस ने इस मामले में तफ्तीश काफी बेहतर तरीके से की, जिसके बाद आरोपियों के खिलाफ 245 पन्नों का चार्जशीट दायर किया था. इस मामले में रिंकू साव को मुख्य आरोपी बनाया गया था. तीनों आरोपी वर्तमान में साहेबगंज जेल में बंद है, जिनके खिलाफ धारा 366-ए, 376-डी, 120-बी, 201, 302, 419, 370 और 34 समेत पोक्सो एक्ट के तहत मुकदमा संख्या 47/2010 दर्ज है.
क्या था पूरा घटनाक्रम :
25 जुलाई 2019-टाटानगर रेलवे स्टेशन से बच्ची का अपहरण हुआ
26 जुलाई 2019-बच्ची का परिवार रेलवे थाना पहुंची और बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या की बात बतायी
27 जुलाई 2019-सीसीटीवी फुटेज की जांच की, जिसके बाद आरोपी की पहचान हुई, जो रिंकू साव था. बच्ची को ले जाते हुए वह दिखा.
28 जुलाई 2019-पुलिस ने आरोपी का स्केच जारी किया
29 जुलाई 2019-टेल्को के रामाधीन बगान से पहले आरोपी रिंकू साव को गिरफ्तार किया गया.
30 जुलाई 2019-रिंकू साथ के साथी कैलाश कुमार को साकची काशीडीह से गिरफ्तार किया गया. बच्ची का प्रेमी मोनू मंडल को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया. तीनों से पूछताछ की गयी, जिसके बाद झाड़ियों से बच्ची का शव बरामद किया गया.
31 जुलाई 2019-बच्ची के मामा ने लड़की का धड़ पहचान की. सिर की खोज के लिए प्रयास शुरू हुआ
1 अगस्त 2019-बच्ची की मां का जमशेदपुर कोर्ट में बयान दर्ज कराया गया जबकि जमशेदपुर में आंदोलन शुरू हो गया
2 अगस्त 2019-बच्ची का अपहरण और हत्या का मामला देश के स्तर पर उठ गया जब अभिनेता सोनू सूद और अभिनेत्री अनुष्का शर्मा ने मामले में ट्विट की. जिसके बाद पुलिस और ज्यादा एक्टिव हुई
4 अगस्त 2019-रेलवे पुलिस ने आरोपी रिंकू साव, कैलाश और बच्ची की मां का प्रेमी मोनू मंडल को रिमांड पर लिया और पूछताछ की.
5 अगस्त 2019-रेल एसपी के नेतृत्व में करीब 100 जवानों ने बच्ची के शव की तलाश शुरू की. आरोपियों को जब रामाधीन बगान लाया गया तो लोगों ने घेर लिया था और आरोपी को पकड़कर मार डालने की कोशिश की थी. किसी तरह रेलवे पुलिस आरोपियों को बचाकर ले गयी थी.
9 अगस्त 2019-टेल्को रामाधीन बगान के फिल्टर प्लांट के पास से कुत्ते किसी चीज को नोंच रहे थे. पुलिस पहुंची तो पाया कि बच्ची का सिर है. उसकी पहचान होने के बाद शव का डीएनए टेस्ट कराया गया.
12 जून 2020-तीनो आरोपियों को दोषी करार दिया गया
15 जून 2020-सभी आरोपियों को सजा सुनाई गई






