
सरायकेला : सरायकेला-खरसावां जिले के सरकारी स्कूलों की योजना में बड़ी गड़बड़ी का खुलासा हुआ है. बताया जाता है, कि जिले के उपायुक्त को लगातार सूचना मिल रही थी कि सरकारी स्कूलों के छात्रों को दिए जाने वाले किट को गलत तरीके से सप्लाई किया जा रहा है, जिसमें सरायकेला सीआरपी- बीआरपी महासंघ के जिला अध्यक्ष हृदयानंद महतो की संलिप्तता है. वहीं इसको लेकर जिले के उपायुक्त ने एक टीम का गठन किया गया था, जिसमें सरायकेला अनुमंडलाधिकारी डॉ बशारत कयूम, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी राकेश रंजन एवं अंचलाधिकारी गीतांजली कुमारी शामिल थे. जहां टीम के सदस्यों ने पुलिस बल के साथ सीआरपी हृदयानंद के नारायणडीह स्थित आवास पर छापामारी की. जहां से टीम ने भारी मात्रा में विद्यालय किट का सामान बरामद किया. छापेमारी के दौरान टीम ने पाया कि पूरे मकान को गोदाम बना कर रखा गया है. वहीं टीम द्वारा कार्रवाई करते हुए तत्काल सीआरपी हृदयानंद के उक्त मकान को सील कर दिया गया. वहीं जांच के क्रम में मामले को सही पाया. वहीं सीआरपी हृदयानंद ने जांच अधिकारियों को बताया था कि यह किट उनके भतीजे द्वारा विद्यालयों में बेचे जाते हैं, जिसे वे प्रमाणित नहीं कर सके. वहीं उपायुक्त ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग को सीआरपी हृदयानंद की सेवा समाप्ति को लेकर कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए जा रहे हैं. साथ ही सीआरपी हृदयानंद पर मामला दर्ज करते हुए कानूनी कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए गए हैं. इसके साथ ही छात्र हित जैसे संगीन मामले में किसी अन्य अधिकारी या कर्मी की संलिप्तता को लेकर भी मामले की गहन जांच करने के निर्देश भी दिए गए हैं.

आइए आपको बताते हैं क्या है पूरा मामलाः
विभागीय निर्देश के अनुसार छात्र हित को सर्वोपरि रखते हुए विद्यालय प्रबंधन समिति द्वारा स्थानीय बाजार से कोटेशन प्राप्त कर न्यूनतम दर पर गुणवत्तापूर्ण सामग्री वाले विद्यालय किट खरीदे जाने हैं. वहीं सीआरपी हृदयानंद महतो द्वारा विभिन्न विद्यालयों पर विभाग का कर्मी होने का धौंस दिखाकर विद्यालय किट की सप्लाई की जा रही थी. इसके लिए नारायणडीह स्थित आवास को उक्त सीआरपी द्वारा गोदाम बनाया गया था. इसकी शिकायत मिलने के बाद उपायुक्त ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को जांच का जिम्कोमा सौंपा था. बताया जा रहा है कि पूरे मामले में 20 से लेकर 40 प्रतिशत तक के कमीशन का खेल चल रहा था. वहीं घटिया सामानों की आपूर्ति कर छात्र हित में सरकार की महत्वाकांक्षी विद्यालय किट योजना से खिलवाड़ किया जा रहा था.






