
जमशेदपुर : बीते 24 सालों से फरार चल रहे अंडर वर्ल्ड माफिया दाऊद इब्राहिम के सबसे करीबी माने जाने वाले अब्दुल मजीद कुट्टी को गुजरात एटीएस की टीम ने झारखंड में गिरफ्तार किया है. एटीएस की टीम ने उसे जमशेदपुर के मानगो चौक से गिरफ्तार किया है. अब्दुल माजिद का पकड़ाना गुजरात एटीएस की टीम के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है, हालांकि चिंता की बात यह है कि झारखंड से पकड़ाने पर अंडर वर्ल्ड डॉन के तार झारखंड से जुड़े होने की बात से भी इन्कार नहीं किया जा सकता. गुजरात के आतंक निरोधी दस्ते (एटीएस) को बड़ी सफलता हाथ लगने पर एटीएस अधिकारियों ने कहा है कि साल 1996 से ही माजिद की तलाश थी. वह केरल का रहने वाला है, जो साल 1996 में 106 पिस्टल, करीब 750 कारतूस और करीब चार किलोग्राम आरडीएक्स की गेदरिंग के मामले में वांछित था. अधिकारियों के मुताबिक इस मामले में अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया था. अब्दुल माजिद तभी से फरार चल रहा था. (नीचे भी पढ़ें)

वैसे कुट्टी की गिरफ्तारी की कानोकान किसी को भकन तक नहीं लगी. इसका खुलासा रविवार को अहमदाबाद पुलिस के खुलासे से हुआ, जिसके बाद हर कोई हैरान नजर आया. यहां तक कि जमशेदपुर पुलिस ने भी शनिवार को यह जानकारी गुप्त रखा. इधर गुजरात पुलिस के खुलासे के बाद जमशेदपुर में माजिद के ठिकाने की तफ्तीश शुरू हुई. जहां पड़ताल में पाया गया कि अब्दुल माजिद कुट्टी पिछले दो सालों से मानगो सहारा सिटी डुप्लेक्स संख्या 197 में परिवार के साथ रह रहा था. बताया जाता है कि उक्त डुप्लेक्स किसी राजेश शर्मा का है, जिसे कुट्टी ने किराए पर लिया था. हैरान करनेवाली बात ये है कि पिछले 24 सालों से कुट्टी तमाम एजेंसियों की आंखों में धूल झोंककर मलेशिया, दुबई, बैंकॉक सहित अन्य देशों में जाली पासपोर्ट के सहारे घूम रहा था और पुलिस व अन्य जांच एजेंसियों को इसकी भनक तक नहीं थी. बताया जा रहा है कि कुट्टी मोहम्मद कमाल के नाम से जमशेदपुर में रह रहा था और इसी नाम का पासपोर्ट भी वह प्रयोग कर रहा था. बहरहाल अहमदाबाद पुलिस के खुलासे के बाद जमशेदपुर में सनसनी फैल गयी. यहां तक की कुट्टी के पड़ोस में रहने वाले लोगों को भी इसकी भनक नहीं लगी. पड़ोसियों ने बताया, कि अब्दुल मजीद कुट्टी एवं उसका परिवार काफी मिलनसार प्रवृत्ति का था. जब भी मिलता गर्मजोशी से मिलता था. हर सुख दुख में खड़ा होता था. कभी इसकी भनक भी नहीं लगी कि वह इतना बड़ा अपराध कर्मी है. बताया जाता है कि माजिद 1996 के मुम्बई बम धमाकों में दाऊद इब्राहिम को हथियारों की सप्लाई किया था. 24 साल पहले गुजरात के मेहसाणा थाने में उसके खिलाफ केस दर्ज किया गया था. तब से गुजरात ATS को उसकी तलाश थी.







