
चाकुलिया : जमशेदपुर के ग्रामीण इलाके चाकुलिया प्रखंड की मालकुंडी पंचायत के जामडोली गांव स्थित पेपर मिल में गुरुवार की दोपहर काम करने के दौरान सिंदूरगौरी गांव निवासी सरस्वती पातर 50 और उर्मिला पातर 30 की कार्टून के बंडल में दबने से मौत हो गई है. पेपर मिल में दो महिला मजदूरों की हुई मौत से ग्रामीणों में आक्रोश है. ग्रामीणों ने मिल प्रबंधन पर आरोप लगाया कि मिल में मजदूरों को सेफ्टी किट दिए बगैर ही मजदूरों से काम लिया जाता है, ऐसे में हमेशा मजदूरों के ऊपर संकट मंडराते रहता है. देर शाम दोनों महिलाओं का शव गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने शव को लेकर पेपर मिल में मुआवजे को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया. ग्रामीणों के आंदोलन की सूचना पाकर विधायक समीर महंती, बीडीओ देवलाल उरांव, सीओ जयवंती देवगम, इंस्पेक्टर राजेंद्र दास, चाकुलिया थाना प्रभारी वरुण कुमार यादव, मुखिया मंजुला मुर्मू समेत अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे. जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी, ग्रामीण और पेपर मिल के मैनेजर विनय सतपति के संग देर रात्रि तक मुआवजे को लेकर वार्ता चली परंतु किसी नतीजे पर नहीं पहुंचने के कारण ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन और पेपर मिल के मैनेजर के हवाले शव को सोंप दिया है. ग्रामीणों ने कहा कि शुक्रवार की सुबह पेपर मिल मालिक के आने के पश्चात मुआवजे को लेकर बैठक कर वार्ता की जाएगी. उचित मुआवजा मिलने के पश्चात ही मृतक के परिवार शव को लेकर दाह संस्कार करेंगे अन्यथा उनकी आंदोलन जारी रहेगी. (नीचे पूरी खबर पढ़े)
जामडोल स्थित पेपर मिल में हुए दुर्घटना के मृतक मजदूरों के परिवारों को 10-10 लाख रूपये मुआवजा दे प्रबंधन: डाॅ गोस्वामी (नीचे पूरी खबर पढ़े)
चाकुलिया। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डाॅ दिनेशानंद गोस्वामी ने चाकुलिया प्रखंड के जामडोल स्थित पेपर मिल में हुए दुर्घटना से 2 मजदूरों की हुई मृत्यु का गहरा दुःख प्रकट किया है । उन्होंने कहा कि पेपर मिल प्रबंधन की लापरवाही से 2 गरीब मजदूरों को अपनी जान गंवानी पड़ी । डाॅ डाॅ गोस्वामी ने पेपर मिल प्रबंधन से दोनों मृतक मजदूरों के परिवारों को 10-10 लाख रूपये मुआवजा देने की मांग की है । उन्होंने श्रम विभाग के वरीय पदाधिकारियों से फोन से वार्ता कर पेपर मिल प्रबंधन की लापरवाही के कारण हुए मजदूरों की मृत्यु के लिए जिम्मेदार फेक्ट्री प्रबंधन पर कारबाई करने की मांग की है । डाॅ गोस्वामी ने कहा कि प्रबंधन अगर प्लान्ट में सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखता तो इस प्रकार की दुर्घटना नहीं होती तथा गरीब मजदूरों की दुःखद मृत्यु नहीं होती ।




