जमशेदपुर : जमशेदपुर के सीतारामडेरा थाना क्षेत्र की रहने वाली संगीता टोप्पो (भूमिज) की अपहरण के बाद उसकी हत्या कर साक्ष्य छूपाने के आरोप से प्रेमी पुलिसवाला मशकल टोप्पो को बुधवार को एडीजे-4 राजेंद्र कुमार की अदालत ने साक्षय के अभाव में बरी कर दिया. अपर लोक अभियोजक राजीव कुमार ने बताया कि इस मामले में कुल 6 लोगों की गवाही हुई थी. आरोपी मूल रूप से गुमला का रहने वाला है. शादी करने के नाम पर वह चार सालों तक अपने घर पर भी रखा था. बाद में वह शादी से इंकार कर दिया था. तब संगीता ने उस पर शादी का दबाव देने लगा. नौकरी ले लेने और जान से मानवाधिकार देने की धमकी देने लगी. इससे मशकल काफी तनाव में रहने लगा. तब मकशल ने उसे रास्त से हटाने की योजना बनायी थी. घटना 3 मई 2015 की हैं. संगीता घर से बोल कर निकली थी. वह मकशल से मिलने जा रही हैं, जिसके बाद से वह गायब हो गई. तब जाकर संगीता की मां सीतारामडेरा थाने में 9 जून 2015 को मशकल के खिलाफ संदेह व्यक्त करते हुए अपहरण का मामला दर्ज कराई थी.
मशकल ने पुलिस के समक्ष किया था खुलासा
मशकल ने सीतारामडेरा पुलिस को बताया था कि बह 18 अगस्त 2011 को जिला पुलिस वल में योगदान दिया था. सीतारामडेरा थाने में ज्वाइनिंग के बाद कम्यूनिटी सेंटर में रह रहे थे. तभी संगीता के साथ परिचय हुआ था. बाद में सोनारी थाने में ट्रांसफर हो गया था. संगीता को रास्ते से हटाने की योजना के मुताबिक वह 3 मई की शाम चार बजे संगीता को फोन कर बुलाया तो वह आ गई उसे मोटरसाइकिल पर बैठाकर बहन के गांव सोनमेर लेकर गया गांव से एक किलोमीटर पहले रेलवे लाइन के पास संगीता की गला दबाकर हत्या कर दी. उसके बाद गांव में खेती करने वालों से कुदाल लेकर गड्ढा कर संगीता की शव को दफन कर दिया था. पुलिस ने मशकल के निशान देही पर शव को बरामद कर एफएसएल जांच के लिए भेज दिया था.






