
रांची : झारखंड की नयी हेमंत सोरेन की सरकार अपना नया मंत्रीमंडल की घोषणा नहीं कर पाये है. कांग्रेस की ओर से पांच सीट का डिमांड किया गया है. इसको लेकर शुक्रवार को कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी के साथ झारखंड के सारे विधायकों की मुलाकात हुई. इस मुलाकात के दौरान सोनिया गांधी और राहुल गांधी के साथ पार्टी में हुई जीत को जारी रखने के लिए सुझाव भी लिये और क्या किया जाना चाहिए, इस पर भी रायशुमारी हुई.

करीब एक घंटे तक हुई इस मुलाकात के पहले कांग्रेस के प्रभारी आरपीएन सिंह से भी मुलाकात हुई. इस मुलाकात के दौरान आरपीएन सिंह ने पहले स्थिति को स्पष्ट कर दिया और फिर उनके साथ ही सोनिया गांधी और राहुल गांधी की मुलाकात हुई. इस मुलाकात के दौरान महिला विधायकों के साथ ही झारखंड की दो सांसद भी थी. सिंहभूम की सांसद गीता कोड़ा भी थी. इस दौरान कांग्रेस को मजबूत बनाने के लिए विधायकों को सरकार के साथ मिलकर काम करने और पार्टी को मजबूत बनाने का आह्वान किया गया.

इस दौरान कांग्रेस की कहां कमियां है, इसके बारे में भी सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने जानकारी ली. मंत्रीमंडल को लेकर हालांकि, अब तक स्थिति स्पष्ट नहीं की गयी है. दूसरी ओर, जमशेदपुर पूर्वी के विधायक बन्ना गुप्ता, महगामा की विधायक दीपिका पांडेय सिंह को मंत्रीपद देने की तैयारी की गयी है. राजेंद्र सिंह के नाम पर संशय की स्थिति है. राजेंद्र सिंह को खराब स्वास्थ्य का हवाला देकर उनका पत्ता काटा जा रहा है. अगर महिला विधायक के तौर पर अंबा प्रसाद को लिया गया तो बन्ना गुप्ता का नाम कट सकता है. जातिगत बैलेंस को देखते हुए यह कदम उठाया गया है. अभी दो और विधायक को मंत्री पद मिलना है, यह तय है. वैसे तीसरे नाम को लेकर कांग्रेस की ओर से दबाव बनाया जा रहा है.







