
रांची : झारखंड कांग्रेस को एकजुट रखने की कवायद तेज हो चुकी है. कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी आरपीएन सिंह के भाजपा में चले जाने के बाद यह आशंका जतायी जा रही थी कि कहीं झारखंड की सरकार गिराने और कांग्रेसी विधायकों को तोड़ने को लेकर कोई कवायद नहीं की जाये. इसको देखते हुए राजनीतिक तौर पर कांग्रेस ने अपने आपको मजबूत बनाने की तैयारी की है. इसके तहत मंगलवार को नयी दिल्ली में कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने सारे विधायकों को दिल्ली बुलाया है, जहां कांग्रेस के विधायक दल के लोगों की बैठक होगी. इस बैठक में कांग्रेस के झारखंड प्रभारी अविनाश पांडेय और सह प्रभारी उमंग सिंघारी रहेंगे. इसके अलावा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर को भी दिल्ली तलब किया गया है. बताया जाता है कि वहां विधायकों को एकजुट रहने को लेकर बैठक होगी जबकि राज्य की स्थिति की समीक्षा की जायेगी. विधायकों की क्या परेशानियां है, उन सारी परेशानियों को दूर करने पर भी विस्तार से चर्चा की जायेगी. इसमें राहुल गांधी के होने की पुष्टि है, लेकिन सूत्र बता रही है कि कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी भी इस बैठक में रह सकती है. बाद में सभी से अकेले में बातचीत भी होगी. इसको लेकर राज्य के मंत्री बन्ना गुप्ता समेत तमाम विधायक एक-एक कर रांची से नयी दिल्ली रवाना हो रहे है ताकि अपनी बातों को ये लोग रख सके. आपको बता दें कि झारखंड में कांग्रेस को और मजबूत बनाने और नये सिरे से सबको जोड़ने की कोशिशें तेज की गयी है. पहले तो राज्य के नये कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडेय को रांची भेजा गया और अब विधायकों को वहां बुलाया गया है. इसके बाद राज्य में कांग्रेस को मजबूत बनाने के लिए 17 सदस्यीय समन्वय समिति भी बना दिया गया है. (नीचे देखे पूरी खबर)

कांग्रेस ने मिजोरम का एपीआरओ बना अनूप सिंह
दूसरी ओर, कांग्रेस के बेरमो से विधायक कुमार जयमंगल सिंह उर्फ अनूप सिंह को मिजोरम प्रदेश का असिस्टेंड पार्टी रिटर्निंग ऑफिसर (एपीआरओ) बनाया गया है. अनूप सिंह अब मिजोरम में संगाठनात्मक तौर पर पार्टी को मजबूत बनायेंगे और मिजोरम में संगठन का चुनाव कराने में अपनी भूमिका निभायेंगे. वे बेरमो से विधायक भी है जबकि कद्दावर युवा नेता है और पूर्व उपमुख्यमंत्री सह इंटक के राष्ट्रीय महामंत्री रह चुके राजेंद्र सिंह के पुत्र भी है.




