
सरायकेला : शनिवार को संपन्न हुए सरायकेला खरसावां जिला के आदित्यपुर नगर निगम बोर्ड के आठवीं बैठक में हुए मेयर- पार्षद विवाद में अब वार्ड पार्षद रिंकू राय के समर्थन में वार्ड की जनता भी मुखर हो गई है. जहां आज वार्ड 31 के मार्ग संख्या 14 स्थित सामुदायिक भवन के समीप वार्ड के प्रबुद्धजनों ने बैठक कर अपने पार्षद को पूरा समर्थन देने की बात कहीं. साथ ही मेयर द्वारा महिला पार्षद को अपमानित किए जाने का पुरजोर तरीके से विरोध भी जताया. वहीं पार्षद रिंकू राय ने अपने अपमान का बदला लेने की बात कही उन्होंने कहा कि इसको लेकर वे पार्टी से लेकर सरकार तक अपनी फरियाद लेकर जाने को तैयार हैं.
उन्होंने बताया कि ऐसा पहली बार नहीं है की मेयर ने अभद्रता की है. अपने वार्ड को छोड़कर किसी अन्य वार्ड में उनके द्वारा फंड नहीं दिया जाता है. अगर दिया भी जाता है तो उसके लिए मानसिक रूप से काफी प्रताड़ित भी किया जाता है. हालांकि अन्य पार्षदों के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि उस दौरान बोर्ड बैठक में सभी पार्षद के साथ डिप्टी मेयर और नगर आयुक्त भी मौजूद थे. उन्होंने क्यों मेयर का विरोध नहीं किया ये उनका मामला है लेकिन मेरे साथ अभद्रता हुई है और मैं इसकी लड़ाई लडूंगी. गौरतलब है कि रिंकू राय आदित्यपुर नगर निगम वार्ड 31 की पार्षद के साथ भारतीय जनता पार्टी सरायकेला खरसावां जिला महिला मोर्चा की उपाध्यक्ष भी हैं. जबकि मेयर विनोद कुमार श्रीवास्तव भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता रहे हैं. और पार्टी में उनका अपना आधिपत्य चलता है. वे अपने अंदाज में पार्टी चलाने के लिए जाने जाते रहे हैं. वैसे विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद पहली बार आदित्यपुर नगर निगम बोर्ड बैठक काफी हंगामेदार रहा है. ऐसे में जनता को क्या मिलता है यह जनता ही जाने, लेकिन नगर परिषद से लेकर नगर निगम तक का कार्यकाल विवादों में रहा है. जबकि तीनों ही कार्यकाल में मेयर विनोद श्रीवास्तव का परिवार निगम के शीर्ष पद पर हावी रहा है. हालांकि राजनीतिक विश्लेषक और नगर निगम मामले में रुचि रखने वालों की अगर मानें तो ताजा विवाद मेयर के लिए भारी पड़ने वाला है. क्योंकि मेयर विनोद श्रीवास्तव ने मेयर पद का चुनाव भाजपा के सिंबल पर लड़ा था, जबकि अपने पारंपरिक वार्ड 28 से भी चुनाव लड़ा था. मेयर बनने के बाद वहां बाई इलेक्शन हुआ जिसमें अपनी पुत्रवधू अमृता श्रीवास्तव को चुनाव जिता कर नगर निगम पहुंचाया. वहीं वार्ड 29 की पार्षद राजमणि देवी के असामयिक निधन होने के बाद रिक्त पड़े पद पर अपने पुत्र अविषेक विशाल के लिए दावेदारी ठोंक दी है. एक तरफ जहां आदित्यपुर की जनता दिवंगत पार्षद राजमणि देवी के परिवार के सदस्य को नैतिक समर्थन देने का मन बना चुकी है वहीं मेयर द्वारा अपने पुत्र की दावेदारी पेश करने से नगर निगम के साथ पूरे राजनीतिक हलकों में मेयर के खिलाफ विरोध के सुर उठने लगे हैं. वही पार्टी में भी इसको लेकर खेमेबाजी शुरू हो चुकी है.







