
जमशेदपुर : कोल्हान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एमजीएम अस्पताल है. जो अक्सर विवादों में घिरा रहता है. वैसे अस्पताल की दशा सुधारने को लेकर मंत्री से संतरी तक प्रयास करने का दावा करते हैं, लेकिन करोड़ों रूपए सालाना बजट वाला यह अस्पताल भगवान भरोसे ही चल रहा है. वैसे जिले के उपायुक्त ने अब इस अस्पताल को सुधारने का बीड़ा उठाया है, और इसी क्रम में उपायुक्त आज अस्पताल का औचक नीरीक्षण करने पहुंचे. जहां उन्हें लापरवाही साफ दिखी. जहां मरीज को जमीन पर ईलाज के लिए तड़पते देख उपायुक्त ने तत्काल ईलाज शुरू करने का निर्देश जारी किया.
जमशेदपुर उपायुक्त ने अस्पताल में मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण काफी सुधार की बातें कहीं. वहीं मौके पर मौजूद अधिकारियों और अधीक्षक को कई जरूरी दिशा निर्देश भी दिए. इस दौरान उपायुक्त ने सभी वॉर्डों का नीरीक्षण किया. वहीं इस दौरान उपायुक्त की संवेदनहीनता भी साफ देखी गई. जहां कड़ाके के ठंड से ठिठुरती एक महिला सफाई कर्मी सफाई कर्मी चंपा देवी उपायुक्त से एक कंबल की मांग की जिसे उपायुक्त ने नकार दिया और सीधी राह चलते बने. ऐसे में जिले के उपायुक्त से अस्पताल का भला कैसे संभव माना जाए. फिलाहाल उपायुक्त के नीरीक्षण के बाद अस्पताल में ईलाज करा रहे मरीजों को इस अस्पताल के दिन फिरने की उम्मीद जरूर जगी है.







