
जमशेदपुर : पूरे देश के साथ भगवान जगन्नाथ महाप्रभु की पूजा की शुरुआत हो चुकी है. इस दौरान शुक्रवार को जमशेदपुर के न्यू बाराद्वारी स्थित “गांधी आश्रम श्री श्री जगन्नथ महाप्रभु रथ यात्रा समिति द्वारा इस वर्ष भी ओड़िशा के पुरी धाम की तर्ज पर वैश्विक महामारी कोरोना बीमारी के मद्देनजर को देख कर राज्य सरकार के दिशा-निर्देश का पालन करते हुए सामाजिक दूरियों को बरकरार रखते हुए पंडित उज्वल चक्रवर्ती एवं संरक्षक शम्भु मुखी डुंगरी ने जगन्नाथ महाप्रभु का देव स्नान पूर्णिमा 108 घड़ा जल, दूध, दही, घी, मधु, पंचामृत, गुलाब जल, गंगा जल, चंदन, हल्दी मिश्रण कर महाप्रभु जगन्नथ स्नान कराया गया तथा धूप-दीया, अगरबत्ती जलाकर एवं छप्पन भोग का प्रसाद चढ़ाकर विधिवत पूजा अर्चना की. आज से महाप्रभु जगन्नाथ 15 दिनो के लिए अस्वस्थ एकान्तवाश को चले गये है. उनका मन्दिर का द्वार बन्द हो जाएगा. पूजा पाठ एवं भक्त दर्शन भी बन्द रहेगा. इसी बीच महप्राभु का उपचार चलता रहेगा. इसके पश्चात 22 जून यानी सोमवार को नेत्र उत्सव नव जीवन दर्शन होगा. 23 जून मंगलवार को महाप्रभु जगन्नथ, भाई बलभद्र, बहन शुभद्रा, गुडिचा मन्दिर से रथ पर सवार होकर भक्त दर्शन तथा मौसीबडी के लिये निकलेगे. इस दिन रथ यात्रा महोत्सव का आयोजन किया जाएगा. इस अवसर पर मुख्य रूप से आश्रम के संरक्षक शम्भु मुखी डुंगरी, सलाहकार जयसागर बगदल, घनश्याम महानद, सन्तोष कुमार, मुखिया घासीराम बरिहा, टिकेश्वर मेहर, काली चरण मंडल, चन्दन कुम्भकार, सन्तोष सेठ, मीट्र प्रधान, सहदेव अदवर, नरेश प्रधान, सनंदो बघार, गोविंदो डांग, रमेश भोई, सुरेश प्रधान, तलुराम बगर्ती, प्रकाश महतो, विजय कुजूर, अतिशर कुत्वाल एवं आश्रम के लोग उपस्थित थे.







