
जमशेदपुर : झारखंड सरकार के पूर्व खाद्य आपूर्ति मंत्री और जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय ने इंग्लिश मीडियम स्कूलों के मुद्दे पर अपना रुख साफ कर दिया है. हालांकि इससे पहले भी सरयू राय ने बयान देकर सरकार को आईना दिखाने का काम किया था. वहीं सरकार का आदेश आने के बाद सरयू राय ने साफ कर दिया है, कि स्कूल फीस के मुद्दे पर सरकार के साथ निजी स्कूल प्रबंधन को भी जिम्मेदारी लेनी होगी साथ ही अभिभावकों को भी जिम्मेदारी लेनी होगी. यानी तीनों मिलकर स्कूल के फीस का बंटवारा कर लें, तब जाकर समस्या का समाधान होगा, नहीं तो कोई हाईकोर्ट और कोई सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा रहेगा.
श्री राय साकची स्थित बाराद्वारी के स्कूल पीपुल्स एकेडमी के अपने वेबसाइट के लांचिंग के मौके पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत कर रहे थे. आपको याद दिला दें कि राज्य सरकार ने सभी निजी स्कूलों को आदेश दिया है, कि आप अपना ट्यूशन फीस ले, लेकिन स्कूल सरकार के आदेश को मानने को तैयार नहीं है. ट्यूशन फीस क्या स्कूल का जो फीस होता है वही वसूल रही है.

दूसरी ओर, जमशेदपुर के इंग्लिश मीडियम के स्कूलों के मनमानी के बाद अब ट्यूशन और कोचिंग संस्थानों ने भी अभिभावकों से पैसा वसूली शुरू कर दी है. जहां ऑनलाइन पढ़ाई के नाम पर अभिभावकों से मोटी रकम वसूली जा रही है. उधर कोचिंग संस्थान और ऑनलाइन ट्यूशन पढ़ाने वाले शिक्षकों के खिलाफ कांग्रेस पार्टी ने मोर्चा खोल दिया है.
जहां कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने उपायुक्त से मुलाकात कर वैसे संस्थानों पर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है, जो जबरन अभिभावकों से पैसा वसूल रहे हैं, वो भी ऑनलाइन पढ़ाई के नाम पर. एक तरफ लोगों के पास रोजगार नहीं है, तो दूसरी तरफ शैक्षणिक संस्थान अभिभावकों का दोहन कर रहे है. उधर कांग्रेस पार्टी ने ऐलान कर दिया है, कि अगर शैक्षणिक संस्थान का यही रवैया रहा, तो कांग्रेस पार्टी उनके संस्थान में ताला लगा देगी.







