
जमशेदपुर : ईद-उल-अजहा का त्योहार 1 अगस्त को मनाया जाना है. कुर्बानी के इस त्योहार पर सामूहिक नमाज पढ़ने का विशेष महत्व है. लेकिन
लगता है कि अन्य त्योहारों के तरह ही इस बार बकरीद का त्योहार भी कोरोना काल में फीका पड़ जाएगा. इस साल कोरोना वायरस को देखते हुए मस्जिदों में ईद उल अजहा की नमाज सामूहिक नमाज नहीं हो पाएगी. उलेमाओं ने अपने-अपने घरों में शारीरिक दूरी बनाए रखते हुए नमाज अदा करने की अपील की है. इसके लिए बाजारों में बकरों भी मिलने लगे हैं और लोग अपने स्तर पर तैयारी कर रहे हैं. कुर्बानी के लिए बकरों की खरीद-फरोख्त का काम शुरू हो गया है. लोग नए कपड़े भी लवा रहे हैं. दुकानों के खुले होने के बावजूद भी बाजारों में रौनक नहीं है. लोग दुकानों तक नहीं पहुंच रहे हैं. दुकानदारों का कहना है कि इस समय तक तो बाजारों में खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ लग जाती थी. दुकानदारों ने कहा कि हमने भी कोरोना के हालातों को देखते हुए लिमिटेड माल ही मंगवाया है.






