
जमशेदपुर : परसुडीह स्थित सदर अस्पताल में जिन आउटसोर्स कर्मियों द्वारा अस्पताल को कई सारे अवार्ड प्राप्त किये गये कोरोना काल में जिन कर्मियों ने दिन-रात एक कर दिया, आज उन्ही कर्मियों को सरकार ने नौकरी से निकालने का फैसला कर लिया है. इसके विरोध में सभी आउटसोर्स कर्मी हड़ताल पर चले गए हैं. इसका खामियाजा अस्पताल को भुगतना पड़ रहा है. आउटसोर्स कर्मियों की हड़ताल से अस्पताल में जनरल वार्ड से लेकर ओपीडी, एक्सरे, सफाई जैसे काम-काज ठप पड़ गए हैं. अस्पताल में किसी तरह का काम नहीं हो रहा है. कर्मियों ने चेतावनी दी है कि उन्हें काम पर वापस नहीं बुलाया जाता है, तब तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी. जरूरत पड़ी तो आउटसोर्स कर्मी भूख हड़ताल भी करने को तैयार हैं. (आगे की खबर नीचे पढ़ें)
340 में 157 को मिला स्वास्थ्य सचिव का नोटिस
अस्पताल के हर विभाग में कुल मिलाकर 340 आउटसोर्स कर्मी कार्यरत हैं, जिनमें से 157 को हटाने का नोटिस स्वास्थ्य सचिव की ओर से मिल गया है. वहीं पहले से ही अस्पताल की स्थिति दयनीय हो गयी है. अगर ये कर्मी भी हटा दिए गए तो अस्पताल की स्थिति और भी बदतर होती जाएगी. एक्सरे टेक्नीशियन संजय कुमार ने बताया कि वे लोग साल 2013 से अस्पताल में काम कर रहे हैं. कोरोना काल में भी उन्होंने घर वालों की परवाह किए बगैर काम किया. उन्हें कोरोना काल के दौरान कहा गया था कि अगर कोई भी कर्मी काम पर नहीं आता है तो उस पर एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी. अब कोरोना काल खत्म होने की ओर है. अब विभाग उन्हें निकालना चाहता है. कर्मियों की ओर से फिलहाल इस बारे में स्वास्थ्य सचिव और स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिख कर मामले से अवगत कराया गया है.






