
जमशेदपुर : जमशेदपुर पूर्वी के विधायक और पूर्व मंत्री सरयू राय के जमशेदपुर के बारीडीह स्थित कार्यालय में की गयी तोड़फोड़ और हमला का विरोध शुरू हो गया है. इस हमले के खिलाफ सरयू राय ने अपने ही नेतृत्व में बारीडीह स्थित उसी कार्यालय से पैदल यात्रा निकाली, जहां हमला हुआ था. वहां से सैकड़ों की संख्या में लोग कतारबद्ध होकर पैदल यात्रा निकाली, जिसमें महिलाएं और पुरुषों ने हिस्सा लिया और गुंडागर्दी के खिलाफ आवाज को बुलंद किया. यह यात्रा बारीडीह से होते हुए सीधे एग्रिको गोलचक्कर तक गयी, जहां लोगों ने अपना विरोध शांतिपूर्वक जताया. यह मौन पैदल मार्च था, जिसमें किसी तरह की कोई नारेबाजी या हो हल्ला नहीं हुआ. आपको बता दें कि एग्रिको गोलचक्कर के पास ही पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवर दास का आवास है.
सारे लोगों ने मौन यात्रा निकालकर अपना विरोध जताया और इस तरह के राजनीति का भी विरोध किया कि कोई व्यक्ति इस तरह कार्यालयों में तोड़फोड़ किया जाना स्वस्थ्य लोकतंत्र के लिए काफी खतरनाक है. इन लोगों के पैदल मार्च में आम लोगों ने हिस्सा लिया और तोड़फोड़ का विरोध भी किया. आपको बता दें कि बुधवार को शाम को करीब पांच बजे कुछ उत्पाती युवक आये और बारीडीह स्थित कार्यालय में घुसकर तोड़फोड़ कर दी.
इस दौरान लोगों ने सरयू राय का विरोध भी किया और गाली गलौज करते हुए वहां मौजूद कार्यकर्ता की भी पिटाई कर दी और वहां से भाग निकले. सरयू राय भी मौके पर पहुंचे और अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआइआर दर्ज करा दिया, जिसको लेकर यह विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है. सरयू राय ने बताया कि उन्होंने किसी के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं कराया है. जमशेदपुर पुलिस खुद अगर अपराधियों के नामों का खुलासा कर दे, तो ठीक है नहीं तो हम सूद सहित वापस करने पर विश्वास रखते हैं. वैसे सरयू राय ने इशारों ही इशारों में बगैर किसी का नाम लिए इतना जरूर ऐलान कर दिया है, कि अगर पुलिस अपराधियों को गिरफ्तार करने में विफल रहती है तो, वे खुद अपराधियों के नामों की घोषणा कर देंगे.













