
रांची : नये साल के पहले दिन शुक्रवार को पूरे झारखंड को बड़ा गिफ्ट मिला. केंद्र सरकार ने झाररखंड को गरीबों के लिए बनने वाले सस्ते मकान यानी लाइट हाउस का तोहफा दिया है. प्रधानमंत्री ने इसका शिलान्यास रांची के धुव्रा में वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिये किया. इसके तहत एक गरीब को 315 वर्गफीट का एक बेडरुम का फ्लैट दिया जायेगा. इसके तहत 1008 आवासीय फ्लैट बनाया जाना है, जिस पर 133.99 करोड़ रुपये खर्च होना है. इस मौके पर प्रधानमंत्री नररेंद्रर मोदी ने कहा कि हाउसिंग के निर्माण से लोगों को घर मिलेगा जबकि इसके जरिये लोगों को रोजगार भी मिलेगा. सबके लिए घर का सपना को साकार करने की दिशा में सरकार का यह कदम है. उन्होंने बताया कि इस तरह के घर से छात्रों को काफी बेहतर लाभ होने जा रहा है. उन्होंने कहा कि घरों के निर्माण पर जीएसटी में भी सरकार ने छूट दी है जबकि इसका ऑनलाइन परमिशन भी दिाय जा रहा है. मजदूर वर्ग पूरे सम्मान के साथ जिये, यहीं हम लोगों की कामना है. कोरोना काल में इस तरह के काम से गरीबों के लिए घर की चाभी मिलना सौभाग्य के सामान होगा और यह विकास का द्वार भी खोलेगा. उन्होंने कहा कि देश भर में लगभग 60 हजार रिटयल एस्टेट की कंपनियां रेरा में रजिस्टर्ड हो चुकी है, जिनको होम लोन पर छूट दिया जा रहा है. गरीबों और मध्यम वर्ग के लोगों के बेहतर जीवन की दिशा में लाइट हाउस काफी कारगर साबित होगा. घर के अलावा बिजली, रसोई गैस, पानी समेत तमाम सुविधाएं दी जा रही है जबकि जियो टैगिंग की भी सुविधाएं दी जा रही है और डीबीटी के माध्यम से सीधे सारा बेनीफिट लोगों को एकाउंट में ही मिल जा रहा है.

उन्होंने यहां कहा कि सस्ती और उच्च तकनीक के जरिये लोगों को मकान मुहैया कराया गया है, जिसको देश के सभी यूनिवर्सिटी और इंजीनियरिंग कॉलेजों को इस पर अध्ययन करना चाहिए. मुख्यमंत्री को भी इनकी मदद करनी चाहिए ताकि देश और राज्य आगे बढ़ सके. रांची में थ्री डी सिस्टम के जरिये मकान बन रहा है. एक साल में एक हजार घर बनकर तैयार हो जायेगा. इस मौके पर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी अपने भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरने की कोशिश की. मुख्यमंत्रक्षी ने कहा कि लाइट हाउस के जरिये 1008 आवासों का निर्माण किया जाना है. गरीब राज्य होने के कारण लोगों की आमदनी कम है,ह इस कारण केंद्र को झारखंड के लिए केंद्रीय अंश की राशि को बढ़ाया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए आवास दिये जाते रहे हैं, लेकिन शहरी गरीबों का बेहतर ध्यान रखा गया, जिसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री को जोहार कहकर संबोधित किया. आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झारखंड के अलावा उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, त्रिपुरा, तमिलनाडू के लिए लाइट हाउस प्रोजेक्ट की आधारशिला शुक्रवार को रखी. इस दौरान झारखंड के झुमरी तिलैया नगर परिषद को उत्कृष्ट नगर परिषद का सम्मान दिया गया. इस मौके पर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अल्टरनेटिव एंड इनोवेटिव कंस्ट्रक्शन सिस्टम फॉर हाउसिंग एंड कंपेंडियम ऑफ इनोवेटिव इमर्जिंग टेक्नॉलॉजी शार्टलिस्टेड एंडर जीएसटीसी इंडिया पुस्तिका का विमोचन भी किया. मुख्यमंत्री ने नववर्ष और आधुनिक तकनीक और इनोवेटिव प्रॉसेस से बनाए जाने वाले आवास के लिए प्रधानमंत्री को शुभकामनाएं एवं बधाई दी. मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री ने जिस सोच और दूरदर्शिता के साथ आवास निर्माण के क्षेत्र में गति लाने के लिए यह योजना शुरू की है , उसका लाभ शहरों में रहनेवाले गरीबों-मजदूरों और बेघरों को मिलेगा. मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि रांची में लाइट हाउस परियोजना के अंतर्गत 1008 आवास बनाए जाने हैं. इस परियोजना में केंद्र सरकार और राज्य सरकार के साथ लाभुकों को भी हिस्सेदारी देनी है. लेकिन, झारखंड पिछड़ा राज्य है. यहां गरीबों और मजदूरों की बड़ी आबादी है. इनकी आय़ कम है. ऐसे में गरीबों-मजदूरों के लिए योजना में जो हिस्सेदारी तय की गई है, उसे देना उनके लिए बहुत आसान नहीं है. मुख्यमंत्री ने गरीबों और मजदूरों के आर्थिक हालात को देखते हुए प्रधानमंत्री से इस योजना में केंद्र सरकार की हिस्सेदारी बढ़ाने का आग्रह किया, ताकि उनपर ज्यादा आर्थिक बोझ नहीं पड़ सके. मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में मजदूर और गरीब काम करने के लिए शहरों का रूख करते हैं. इनमें कई मजदूर गांव से शहर हर दिन आना-जाना करते हैं , तो कई शहरों में ही रहते हैं. इनके पास आवास नहीं होता है. इसलिए ग्रामीण क्षेत्र से शहरों में रोजगार के लिए आनेवाले मजदूरों-गरीबों को आवास उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार कार्ययोजना बनाए, ताकि इन्हें मदद पहुंचाया जा सके. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सभी को आवास देने के लक्ष्य के साथ काम कर रही है. उन्होंने कहा कि गरीबों औऱ जरूरतमंद बेघरों को आवास देने के लिए सरकार कई योजनाएं चला रही है. अबतक लाखों बेघरों-गरीबों को आवास की चाबी दी जा चुकी है और कई आवासों का निर्माण कार्य चल रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण इलाकों के साथ शहरों में भी आवास से संबंधित योजनाओं के क्रियान्वयन पर सरकार विशेष रूप से ध्यान दे रही है. उन्होंने कहा कि लाभुकों को आवंटित मकानों में सरकार द्वारा बिजली-पानी और गैस कनेक्शन भी दिए जा रहे हैं. इस मौके पर सांसद संजय सेठ, विधायक नवीन जायसवाल, रांची नगर निगम के उप महापौर संजीव विजयवर्गीय, नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव विनय कुमार चौबे, राज्य शहरी विकास अभिकरण के निदेशक अमित कुमार और नगरीय प्रशासन निदेशालय की निदेशक विजया जाधव उपस्थित थीं. इस दौरान उत्कृष्ट आवास के लिए जमशेदपुर के मानगो के संजय धरा, आदित्यपुर के शंभू सरकार और जामताड़ा के बादल दास को सम्मानित भी किया गया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी तारीफ भी की. झारखंड को पांच श्रेणियों में सम्मानित किया गया. झारखंड में कुल 1008 मकान बन रहे है, जिसमें केंद्र सरकार 5.5 लाख और राज्य सरकार एक लाख रुपये का अनुदान दे रही है, जिसके लिए लाभुक को 6.79 लाख रुपये देने होंगे.






