
सरायकेला : टीएमसी नेता रमेश बलमुचू ने निजी स्कूलों के खिलाफ आर- पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है. श्री बलमुचू ने राज्य सरकार से निजी स्कूलों के मामले में स्टैंड क्लियर करने की मांग की है, ताकि कोरोना काल के फीस को लेकर निजी स्कूल अभिभावकों पर अनावश्यक दबाव ना बना सके. उन्होंने बताया, कि वैश्विक महामारी के दौर में लाखों मजदूर बेरोजगार हो गए हैं. अभिभावकों के समक्ष निजी स्कूलों के भारी-भरकम फीस चुकाने के पैसे नहीं है, ऐसे में निजी स्कूल प्रबंधन लगातार अभिभावकों पर दबाव बनाकर जबरन फीस वसूलने में लगी है. जिस पर न तो केंद्र सरकार, और ना ही राज्य सरकार अब तक कोई निर्णय ले सकी है. ऐसे में जिला प्रशासन भी निजी स्कूलों पर नकेल कसने में विफल साबित हो रही है. इधर परीक्षाओं का हवाला देकर निजी स्कूल अभिभावकों का दोहन करने में जुटे हैं. उन्होंने सरायकेला- खरसावां जिला प्रशासन से जिले में संचालित हो रहे निजी स्कूलों पर नकेल कसने की मांग की है. साथ ही 22 फरवरी से चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान कर दिया है. उन्होंने बताया, कि 22 फरवरी को वे जिला शिक्षा अधीक्षक से मुलाकात कर निजी स्कूलों के मामले में एक मांग पत्र सौंपेंगे. 2 दिन बाद यानी 24 फरवरी को जिले के उपायुक्त के नाम एक मांग पत्र सौंपेंगे. ठीक 2 दिन बाद 26 फरवरी को मांगे नहीं माने जाने की सूरत में एक दिवसीय सांकेतिक धरना पर जिला मुख्यालय के समक्ष बैठेंगे. वही 28 फरवरी तक अगर शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन इस मामले को गंभीरता से नहीं लेती है, तो 1 मार्च से अनिश्चितकालीन धरने पर जिला मुख्यालय के समक्ष बैठ जाएंगे. निश्चित तौर पर निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ झारखंड में अब तक किसी भी नेता द्वारा इतना बड़ा फैसला नहीं लिया गया है. अगर वाकई में रमेश बलमुचू इस आंदोलन में सफल होते हैं, तो निजी स्कूलों के मनमानी के विरोध में किसी भी राजनीतिक दल की ओर से उठाया गया यह एक बड़ा कदम होगा.





