
जमशेदपुर : जमशेदपुर पूर्वी के विधायक व राज्य के पूर्व मंत्री सरयू राय एक बार फिर पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के खिलाफ हमलावर हो गये हैं. उन्होंने रघुवर दास पर मुख्यमंत्री रहते हुए सरकारी राशि का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से इसकी भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) से जांच कराने की मांग की है. इस संबंध में श्री राय ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखा है, जिसमें कहा है कि तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास द्वारा एक सुनियोजित साजिश के तहत झारखण्ड राज्य स्थापना दिवस समारोह, 2016 के कार्यक्रम की आड़ में सरकारी खजाना के पैसे से अपने निजी कार्यक्रम में व्यय का भुगतान किया गया. इसकी भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) से जांच कराने की सरयू राय ने मांग की है. पत्र के अनुसार झारखंड राज्य स्थापना दिवस समारोह, 2016 के आयोजन में पाश्र्व गायिका सुनिधि चौहान को बुलाने से संबंधित सरकार की एक संचिका के तीन पृष्ठ और इस संबंध में रांची के उपायुक्त का एक पत्र मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया गया है. पत्र में कहा गया है कि संचिका में विभागीय सचिव की टिप्पणी और विभाग को प्रेषित उपायुक्त, रांची के पत्र में अंकित विवरण तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास के भ्रष्ट आचरण की एक बानगी है. टॉफी, टी-शर्ट घोटाला की तरह ही यह प्रकरण राज्य स्थापना दिवस समारोह, 2016 के कार्यक्रम की आड़ में सुनिधि चौहान के जमशेदपुर में हुए एक गैर-सरकारी कार्यक्रम, जिसके संरक्षक रघुवर दास स्वयं थे, में हुए व्यय का भुगतान सरकारी खजाना से करने की साजिश के बारे में है. (नीचे भी पढ़ें)
पत्र के अनुसार 6 नवम्बर 2016 को छठ का पवित्र पर्व था. जमशेदपुर की सूर्य मंदिर समिति ने छठ पर्व की संध्या में फिल्मी गीत गाने वाली पार्श्व गायिका सुनिधि चौहान को बुलाकर गीत-संगीत का कार्यक्रम कराया था. झारखंड के तत्कालीन मुख्यमंत्री, उस समय सूर्य मंदिर समिति के संरक्षक और सर्वेसर्वा थे. इस कार्यक्रम के तीन दिन बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास के निर्देश पर राँची में एक बैठक बुलायी गई. यह बैठक रघुवर दास की अध्यक्षता में हुई. पत्र में कहा गया है कि बैठक 15 नवम्बर 2016 को आयोजित होनेवाले झारखंड स्थापना दिवस समारोह की तैयारी की समीक्षा के बहाने बुलाई गयी. बैठक में मुख्यमंत्री के वरीय आप्त सचिव ने प्रस्ताव रखा कि स्थापना दिवस समारोह के कार्यक्रम को अधिक भव्य बनाने के लिये इसमें सुनिधि चौहान को बुलाया जाये. कला संस्कृति विभाग के कार्यक्रम के बाद उनका कार्यक्रम रखा जाये. उन्हें बुलाने का जिम्मा आर्चर इंटरटेनमेंट प्रा लि नामक एक संस्था को दिया जाये. इस प्रस्ताव के अनुसार सुनिधि चौहान के कार्यक्रम पर कुल 44,27,500/- रूपया व्यय होगा. प्रस्ताव पर निर्णय हो गया. फाईल पर मुख्यमंत्री की सहमति हो गई. वे आयीं भी और थोड़ा बहुत गायीं भी. इसके लिये आर्चर इंटरटेनमेंट को प्राथमिकता के आधार पर 44,27,500/- रुपये का त्वरित भुगतान भी हो गया. अग्रिम भुगतान करने की संचिका पर मुख्यमंत्री का अनुमोदन भी हो गया. बाद में उपायुक्त, राँची ने पत्र के माध्यम से सचिव, मंत्रिमंडल सचिवालय एवं समन्वय विभाग को सुनिधि चौहान के कार्यक्रम पर हुए व्यय का हिसाब भेजा (पत्र संलग्न) तो पता चला कि इसके लिये तय इस पर कुल व्यय 44,27,500/- रुपये की जगह कुल व्यय 55,25,281/- रुपया हुआ है. 44,27,500/- रुपये तो आर्चर इंटरटेनमेंट ने सुनिधि चौहान के नाम पर सीधे सरकार से ले लिया. इसमें से सुनिधि चौहान को कितना मिला कहना मुश्किल है.




