लातेहार : झारखंड के लातेहार जिले में सात आदिवासी बच्चों की मौत के बाद परिजनों से मिलने पहुंचे कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की ने परिजनों से मुलाकात की. इस मुलाकात के दौरान उन्होंने लातेहार जिले के डीसी अबु इमरान से फोन पर बातचीत की. उस बातचीत के दौरान बंधु तिर्की को डीसी ने कहा कि उनका आदिवासियों के पक्ष में आना ठीक नहीं है क्योंकि वह इलाका मुसलमानों का है, सीओ भी मुसलमान है और वहां के डीसी यानी खुद मुसलमान है. बंधु तिर्की ने खुद इस बातचीत की पुष्टि की है. विधायक बंधु तिर्की के बातचीत का ऑडियो वायरल हो गया और उनकी बातचीत का वीडियो भी वायरल हो गया क्योंकि सारी बातचीत स्पीकर पर कांग्रेस विधायक बंधु तिर्की कर रहे थे. बंधु तिर्की के साथ यह वाक्या फोन पर हुआ, जब वे लातेहार जिले के शेरेगाड़ा जाने वाले थे. झारखंड के लातेहार में शनिवार को एक ही गांव की सात बच्चियों के तालाब में डूब जाने की घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया है. जिन बहनों ने अपने भाइयों की लंबी उम्र के लिए करमा व्रत रखा था. पूजा के दूसरे दिन करम डाली के विसर्जन के दौरान उनमें से सात बच्चियों की मौत हो गई. एक साथ मौत से पूरे गांव में गमगीन माहौल है. रविवार को बच्चियों का अंतिम संस्कार शेरेगढ़ा पंचायत के मननडीह गांव में किया गया. वहीं ग्रामीणों ने घटना को लेकर प्रशासन को निशाने पर लिया है. उन्होंने कहा कि रेलवे संवेदक की लापरवाही से ये घटना हुई है. (नीचे देखे और पढ़े क्या रघुवर दास ने कहा)

भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवर दास ने सरकार को डीसी पर एक्सन लेने को कहा
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री सह भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवर दास ने राज्यपाल को पत्र लिखकर विधायक बंधु तिर्की व उपायुक्त अबू इमरान के बीच हुई बातचीत के संबंध में कार्रवाई करने की मांग की है. पत्र में लिखा कि यह घटना अत्यंत दुखद है कि कुछ दिन पूर्व झारखंड में लातेहार जिला में करमा पूजा के दौरान आदिवासी समाज की 7 छोटी बच्चियां डूब गई थी. इस घटना के संबंध में यह अत्यंत दुखद है कि वहां का डीसी पीड़ित परिवार को सहयोग करने की बजाय इस वायरल ऑडियो-वीडियो में राज्य के एक जनप्रतिनिधि को धर्म के नाम पर अपने कर्तव्य और कार्य से रोकने का प्रयास कर रहा है और उक्त जनप्रतिनिधि को लातेहार जिला में ना आने की सलाह दे रहा है. यह सरकारी अधिकारी का नाम आईएएस अबू इमरान है. अपनी बातचीत के क्रम में यह आईएएस अधिकारी अबू इमरान इस बात की दुहाई दे रहा है कि कांग्रेस के विधायक मुसलमानों की वोट पर ही जीत कर आए हैं अर्थात कहने का मतलब है कि यदि मुसलमान कांग्रेस को वोट नहीं करते तो कांग्रेस पार्टी चुनाव नहीं जीत पाती और विधायक को समझा रहा है कि क्योंकि वहां का डीसी वहां का बीडीओ और गांव वाले सभी मुसलमान है इसलिए विधायक का वहां पर आना पूर्ण रूप से अनुचित होगा. लातेहार के डीसी द्वारा इस प्रकार की सांप्रदायिक बातें एक राज्य के जनप्रतिनिधि से करना सभी सरकारी नियमों और प्रशासनिक नियमों का उल्लंघन है और दर्शाता है कि किस प्रकार से झारखंड की वर्तमान सरकार तुष्टिकरण की राजनीति और अल्पसंख्यकों में भेदभाव और आपसी मनमुटाव बढ़ाने के उद्देश्य से इस प्रकार के गंदे और संकीर्ण मानसिकता रखने वाले अधिकारियों का पदस्थापन लातेहार जैसे संवेदनशील जिला में की है. डीसी लातेहार का आचरण और कार्यशैली अत्यंत निंदनीय तो है ही इसके साथ साथ जिस जनप्रतिनिधि के साथ उनकी बातचीत हो रही है उनकी भी भूमिका अत्यंत निंदनीय, गंदी और तुष्टीकरण की राजनीति से भरपूर नजर आती है. यदि उक्त कांग्रेसी विधायक के मन में जरा सी भी शर्म होती और अपने कर्तव्य और संविधान के प्रति ली हुई प्रतिज्ञा और शपथ और आस्था होती तो वह खुद ब खुद इस पूरी घटना की शिकायत वरीय अधिकारियों से करता या राज्य के नेताओं को बताता जो कि उसने नहीं किया. स्पष्ट है कि यह कांग्रेसी विधायक केवल और केवल वोट बैंक की राजनीति जानता है और इसे आदिवासी समाज की बच्चियों के प्रति कोई संवेदना नहीं है. उन्होंने राज्यपाल से मांग की है कि लातेहार के वर्तमान डीसी आइएएस अबु इमरान को स्थानांतरित करते हुए निलंबित किया जाए.






