
जमशेदपुर : जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित आंध्र भक्त श्रीराम मन्दिरम की वर्तमान कार्यकारिणी समिति द्वारा दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में रविवार को एक संवाददाता सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य पिछले दो वर्षों में कोविड के कारण वार्षिक आम सभा (AGM) नहीं कर सका और प्रशासन आज भी अनुमति नहीं दे रहा है, जिस कारण आजीवन सदस्यों को मन्दिरम के विकास एवम नई योजनाओं की जानकारी नहीं मिल पा रही थी। समिति के महासचिव एस वेंकट दुर्गा प्रसाद शर्मा ने बताया कि 27 नवंबर 2019 को पिछले कमेटी ने कार्यभार सौंपा तब काफी मुश्किले सामने थी। फण्ड के नाम पर बहुत ही कम राशि था लेकिन कर्ज लगभग 10 से 12 लाख एक मात्र आय का स्रोत कल्याण मंडप जिसकी अगले तीन महीनों की बुकिंग राशि पिछली कमिटी के समय ले ली गयी थी। दूसरी ओर प्रकृति की मार कोविड महामारी ने जहाँ एक और भक्तों के लिए मंदिर बंद कर दिया गया, वहीं कल्याणमंडप में विवाह आदि कार्यक्रम रद्द करना पड़ा, जिसकी बुकिंग राशि (जो हमे मिली ही नहीं) बिना कुछ काटे वापस करनी पड़ी। इतनी विषम परिस्थितियों में हमे सहयोग मिला मन्दिरम के आजीवन सदस्यों का, भक्तों एवम शुभचिंतकों का, जिन्होंने न सिर्फ वित्तीय सहायता दी बल्कि हमें ऊर्जा दी काम करने के लिए, विश्वास किया हमारे हर काम पर। इसी सहयोग के कारण हमने कोविड जैसी विकट परिस्थितियों में भी मन्दिरम के पुरीहितों, कर्मचारियों के वेतन में न ही कोई कटौती की और न ही निर्धारित तिथि में देने में कोई देर की. बल्कि इस विकट स्थिति में भी सभी के वेतन में वृद्धि की गई। भक्तों से अनिलाइन जुड़े रहने के लिए विभिन्न पूजा आयोजन भी किया गया. पिछले दो वर्षों में हमने कुछ मुख्य निर्माण मरम्मत एवं निर्णय लिया है. (नीचे भी पढ़ें व वीडियो देखें)
पिछले दो वर्षों में किये गये निर्माण मरम्मत एवं निर्णय
लेनदेन डिजिटल बनाना : मंदिर के सभी लेन देन में 90% तक डिजिटल किया जा चुका है। केवल 10% नकद में काम हो रहा है जिससे किसी तरह की वित्तीय अनियमितता की संभावना समाप्त हो जाती है।
नैवेदयशाला का निर्माण : पुराने छोटे एवम क्षतिग्रस्त नैवेद्यशाला को पुनर्निर्माण एवम आधुनिक संसाधनों से युक्त बनाया गया जिससे ईश्वर को शुद्धता एवम पवित्रता से बने भोग लगाएं जाते है।
जर्जर विद्यालय भवन की मरम्मत की गई जिससे बच्चों की सुरक्षा सुदृढ हुई।
श्री राधा कृष्ण मन्दिरम में पुराने विखंडित प्रतिमाओं को हटाकर नए प्रतिमाओं की स्थापना एवम मन्दिरम को अति मनमोहक रूप दिया गया। पुराने टूटे दरवाजों को बदलकर नए दरवाजे लगाए गए।
मन्दिरम का मुख्य द्वार जिसे पिछली कमिटी ने गोपुरम निर्माण के नाम पर हटा दिया था पुनः स्थापित किया गया जिससे सुरक्षा मजबूत हुई। के दौरान प्रतिदिन 400 लोगो को भोजन बनाकर बाँटा गया। पुरोहितों के आवास जो टूटकर ध्वस्त हो चुका था उसे मरम्मत कर नए रूप में बनाया गया।
मंदिर परिसर में बागवानी से सौंदर्यीकरण किया गया जिसे सभी भक्तों ने सराहा और एक सेल्फी पॉइंट भी बन गया है। (नीचे भी पढ़ें)
उन्होंने कहा कि ये सभी कार्य सिर्फ इसलिए हो पाया कि सभी आजीवन सदस्यों ने दो वर्ष पहले हमपर विश्वास जताया और इन दो वर्षों में अभूतपूर्व सहयोग भी किया। इस दौरान अध्यक्ष वीडी गोपाल कृष्णा ने सभी आजीवन सदस्यों से अनुरोध किया कि अगले एक वर्ष में कई बड़ी और महत्वपूर्ण योजनाओं को पूरा करने के लिए आप सभी का सहयोग अपेक्षित है।



