
जमशेदपुर : हेमंत सरकार हमारी मदद करो, आदिवासियों को इंसाफ देना होगा, एनएचएआई हाय हाय. एनएच 33 में बन रहे टोल प्लाजा के लिए जमीन अधिग्रहण के एवज में उचित मुआवजा देने की मांग को लेकर ग्रामीण उपायुक्त कार्यालय के बाहर उक्त नारे लगाये. वे अपनी मांग को लेकर उपायुक्त कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन कर रहे थे. ग्रामीणों का कहना था कि उन्हें एक डिसमिल जमीन के एवज में 6 हजार रुपए ही दिए जा रहे हैं, जबकि उन्हें पांच डिसमिल के लिए 56 हजार रूपए चाहिए. ग्रामीणों में जमीन देने को लेकर कोई आपत्ति नहीं है, वहीं एक ही नोटिस में संबंधित खाते से जुड़े लोगों के नाम देकर एक ही नोटिस दिया गया है, जो गलत है. इसके अलावा भूमि अधिग्रहण पुनर्वास और उचित मुआवजा के बारे में अवगत कराया गया है. आजीविका चलाने के लिए ग्रामीण पूरी तरह से भूमि पर निर्भर हैं. वे लोग 1 माह से विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी नहीं सुन रही है. अधिसूचना के प्रकाशन की तिथि के अनुसार भूमि का बाजार मूल्य जैसे मुआवजा, राष्ट्रीय राज मार्ग, नियम के तहत संबंधित भूखंड का आकार, सड़क से निकटता, सड़क का अग्रभाग, विकसित क्षेत्रों की निकटता और पड़ोस में तुल्य भूमि का बाजार बिक्री दर को नहीं देखा गया है और मुआवजे की राशि तय कर दी गई. ग्रामीणों ने बताया कि जहां टोल प्लाजा बनाया जा रहा है, महुलिया से उसकी दूरी मात्र 2 किलोमीटर है. इस जगह सरकारी जमीन की दर न्यूनतम 104880 से 251720 रुपये प्रति डिसमिल है और महज 2 किलोमीटर पीछे 51671 के हिसाब से मुआवजा देना अनुचित है.




