
रांचीः झारखंड लोक सेवा आयोग का विवादों से पुराना नाता है. एक के बाद एक नए विवाद जेपीएससी में देखने को मिल रहे है.झारखंड अलग हुए 21साल हो गए लेकिन अब तक 10 ही लोक सेवा आयोग ने परीक्षा आयोजित की है और वह भी विवादों से भरा हुआ है. अब नया मामला सातवीं जेपीएससी पीटी में देखने को मिल रहा है.सातवीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में पहले 49 अभ्यर्थियों को उत्तीर्ण किया गया था.(नीचे भी पढ़े)
अब उन्हें फेल बताया गया.आयोग के अनुसार परीक्षा में शामिल 57 अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट आयोग को नहीं मिली थी. हलांकि इनकी परीक्षा में उपस्थिति बनी हुई थी. परीक्षा का रिजल्ट जारी करने में देर न हो इसके लिए 49 अभ्यार्थियों को कट आफ मार्क्स के बराबर अंक देकर औपबंधिक रुप से पास कर दिया गया था. क्योंकि इसमें अभ्यर्थियों की किसी तरह की गलती नहीं थी. शेष आठ को अन्य कारणों से उन लोगों को फेल कर दिया गया. साथ ही मामले की जांच कराई गयी. अब जांच रिपोर्ट में 49 अभ्यर्थी पीटी परीक्षा में पास नहीं हुए है. (नीचे भी पढ़े)
आयोग ने इनका रोल नंबर जारी कर दिया है. इधर आयोग के इस फैसले के बाद विवाद और बढ़ने की संभावना है. पहले पास इसे बाद फेल घोषित किए जाने वाले अभ्यर्थी अब कोर्ट का सहारा ले सकते है. साहेबगंज व लोहरदगा के एक एक केंद्रों में परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों में सीरियल क्रमांक से अभ्यर्थियों के पास होने के मामले में पहले से ही विवाद चल रहा है. आयोग इस मामले की जांच करा रहा है. (नीचे भी पढ़े)
यह मामला विवादित होने के बाद आयोग ने सफाई दी कि सीरियल क्रमांक से उतीर्ण अभ्यर्थी औपबंधिक रुप से प्रारंभिक परीक्षा में सफल माने जाएंगे. चुंकि झारखंड लोक सेवा आयोग ने इस 49 अभ्यर्थियों को इन कैटेगरी के हिसाब से कट आफ का अनुपालन करते हुए पास किया गया था, इसलिए उनको फेल किए जाने पर कट आफ मार्क्स में किसी तरह का कोई फेरबदल नहीं किया जाएगा.




