
जमशेदपुर : सिंहभूम चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री का एक प्रतिनिधिमंडल एडिशनल कमीश्नर धर्मजीत कुमार, आईआरएस, सेन्ट्रल जीएसटी एवं अन्य पदाधिकारियों से मिला. इस मौके पर व्यापारियों को आ रही विभिन्न समस्याओं के बारे में चर्चा की गई. प्रमुख रूप से विभाग द्वारा विभिन्न मुद्दों जैसे, ट्रांस-1, रेषियो एनालिसिस, एक्सेस यूटिलाईजेशन ऑफ इनपुट क्रेडिट आदि के संदर्भ में दी जा रही नोटिसों पर विरोध प्रकट किया गया. अध्यक्ष विजय आनंद मूनका ने बताया कि विभाग द्वारा चार वर्षों के अंतराल के बाद ट्रांस-1 में ली गई क्रेडिट का वेरिफिकेषन करना एवं उसके लिये उचित समयावधि न देना पूरी तरह अनैतिक या अनुचित है. पूर्व में जिन व्यवसायियों का ट्रांस -1 वेरिफिकेषन हो चुका है विभाग ने उन्हें भी पुनः नोटिस भेजा है जो कि गलत है. इसके अलावा बीफा रिपोर्ट के आधार पर व्यवसायियों को रेसियो एनालिसिस की नोटिस दी जा रही है जिसमें दिये आंकड़े अधिकतर मामलों में गलत है. इन लोगों ने मांग की कि विभाग द्वारा उचित सुधार कर ही नोटिस दिया जाना चाहिए. लगातार विभिन्न मुद्दों पर विभाग द्वारा नोटिस दिये जाने से व्यवसायियों में भय का माहौल है. चैम्बर ने यह मांग रखी है कि व्यवसायियों को नोटिस देने से पहले विभाग अपने पास उपलब्ध डाटा का गहन अध्ययन करे एवं जिन मामलों में गड़बड़ी पाई जाय सिर्फ उन्हीं मामलों में नोटिस भेजा जाये. इस पर एडिशनल कमीश्नर ने बताया कि डीजीआरएम, नई दिल्ली द्वारा दी गई नामजद जानकारी के आधार पर ही व्यवसायियों को नोटिस दी जा रही है. हालांकि उन्होंने विश्वास दिलाया कि इस पर व्यवसायियों को ज्यादा परेशान होने की आवश्यकता नहीं है. व्यवसायी सही आंकड़ों के आधार पर नोटिस का जवाब दें. उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि विभाग द्वारा पूर्ण सहयोग व्यवसायियों को दिया जायेगा. प्रतिनिधिमंडल में मानद महासचिव मानव केडिया, अधिवक्ता, उपाध्यक्ष वित्त एवं कराधान सीए दिलीप गोलछा, उपाध्यक्ष जनसंपर्क एवं कल्याण मुकेश मित्तल, कोषाध्यक्ष किशोर गोलछा, सचिव वित्त एवं कराधान पीयूष कुमार चैधरी, अधिवक्ता आदि उपस्थित थे.




