
अहमदाबाद : अहमदाबाद में जुलाई 2008 में सीरियल बम ब्लास्ट के मामले में स्पेशल कोर्ट ने शुक्रवार को सजा का ऐलान कर दिया. कोर्ट ने 49 में से 38 दोषियों को फांसी की सजा सुनायी है, जबकि 11 को उम्रकैद की सजा सुनायी गयी है. दोषी करार दिये गये 11 कैदी आखिरी सांस तक कैद में रहेंगे. इस मामले में 13 साल से सुनवाई चल रही थी. देश में इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है, जबक एक साथ 38 दोषियों को फांसी की सजा सुनायी गयी है. जानकारी के अनुसार दोषियों की कोर्ट में वर्चुअली पेशी हुई थी. उस दौरान दोषी अलग-अलग जेल में बैठे हुए थे. बता दें कि 8 फरवरी को गुजरात की एक अदालत ने 77 आरोपियों में से 10 को बरी कर दिया था. विशेष कोर्ट ने इस मामले में कुल 49 आरोपियों को दोषी ठहराया था. बता दें कि पिछले साल सितंबर में 13 साल पहले हुए बम धमाकों के मामले में सुनवाई पूरी हो गयी थी. विशेष कोर्ट ने इस मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया था. (नीचे भी पढ़ें)
पीड़ितों को मुआवजा देने का आदेश
कोर्ट ने दोषियों को सजा सुनाने के साथ ही पीड़ितों को मुआवजा देने का भी आदेश दिया है. कोर्ट ने सीरियल ब्लास्ट में मारे गये लोगों को परिजनों को एक-एक लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है, जबकि गंभीर रूप से घायल हुए लोगों को 50 हजार और मामूली घायलों को 25 हजार रुपये मुआवजा के तौर पर देने का आदेश दिया है. (नीचे भी पढ़ें)
अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट में 78 आरोपी थे. एक आरोपी बाद में सरकारी गवाह बन गया था. इस कारण कुल 77 आरोपी बन गए थे. 13 साल तक चली सुनवाई के दौरान 1,163 गवाहों के बयान दर्ज किए गए थे. पुलिस और कानूनी एजेंसियों ने 6 हजार से ज्यादा सबूत पेश किए थे. अहमदाबाद की स्पेशल कोर्ट के जज अंबालाल पटेल ने 6,752 पन्नों के फैसले में 49 आरोपियों को दोषी ठहराया था, जबकि 28 को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था. ये पहली बार है जब एक साथ 49 आरोपियों को आतंकवाद के आरोप में दोषी ठहराया गया है. दोषियों को आईपीसी की धारा 302 (हत्या) और यूएपीए के तहत दोषी करार दिया गया है. (नीचे भी पढ़ें)
70 मिनट के अंतराल पर हुए थे 21 बम धमाके
26 जुलाई 2008 को अहमदाबाद शहर में 70 मिनट के अंतराल पर कुल 21 बम धमाके हुए थे. इन बम धमाकों में 56 लोगों की मौत हुई थी. लगभग 200 लोग घायल हुए थे. पुलिस का दावा था कि इंडियन मुजाहिदीन से जुड़े लोगों ने इन बम धमाकों को अंजाम दिया था. इंडियन मुजाहिदीन को सिमी से जुड़ा संगठन बताया जाता है.




