रामगोपाल जेना
चक्रधरपुर : चक्रधरपुर शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए एसडीओ सह नगर परिषद की कार्यपालक पदाधिकारी रीना हांसदा के निर्देश पर मंगलवार को दूसरे भी अतिक्रमण हटाओ अभियान जारी रहा. आज शहीद भगत सिंह चौक से शुरू हुआ अभियान पुराना रांची रोड, टोकलो रोड, तंबाकू पट्टी की सड़कों तक भी चला. इस दौरान एसडीओ रीना हांसदा भी मौजूद रहीं, जबकि नगर परिषद् कर्मी जेसीबी लेकर अभियान में जुटे रहे. इस दौरान कम अतिक्रमण करने वालों को चेतावनी देकर व जुर्माना वसूल कर छोड़ा गया, जबकि अधिक अतिक्रमण वाले स्थानों से अतिक्रमण हटाया गया. (नीचे भी पढ़ें)
अभियान में नगर परिषद पर पक्षपात का लगा आरोप
उधर अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान नगर परिषद प्रशासन पर पक्षपात का आरोप भी लगा. लोगों ने आरोप लगाया कि अभियान में गरीबों की दुकानें तो हटाय़ी जा रही हैं लेकिन अमीरों को जुर्माना लगा कर छोड़ दिया जा रहा है. इसको लेकर शहर में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है. लोगों का कहना है कि जिस तरह गरीबों की दुकाने हटाई जा रही हैं और उनके सामान जब्त किए जा रहे हैं, अमीरों के साथ वैसी कार्रवाई नहीं हो रही है, उनसे जुर्माना वसूल कर छोड़ दिया जा रहा है. वहीं नगर परिषद के सिटी मैनेजर राहुल अभिषेक ने बताया कि प्रशासन का अभियान लगातार जारी रहेगा. उन्होंने अभियान में किसी से पक्षपात के आरोप का खंडन करते हुए कहा कि जिन लोगों ने नाली के ऊपर दुकान का सेट बनाया है या अवैध कब्जा किया है, उनसे जुर्माना वसूला जा रहा है. (नीचे भी पढ़ें)
पूर्व विधायक ने तोड़फोड़ को बताया गरीबों के साथ अन्याय
वहीं पूर्व विधायक शशिभूषण सामड ने नगर परिषद् की कार्रवाई को गरीबों के साथ अन्याय बताया है. आज यहां पत्रकारों से बात करते हुए श्री सामड ने कहा कि नगर परिषद् को एनएच किनारे लगी दुकानों को हटाने के लिए 15-20 दिन का समय देना चाहिए था, ताकि लोग अपनी दुकानें हटाकर रोजी-रोटी की वैकल्पिक व्यवस्था कर सकें. उन्होंने दुकानदारों के घर दो दिन से चूल्हा नहीं जलने की बात करते हुए सरकार को इस ओर ध्यान देने की मांग की. उन्होंने कहा कि नगर परिषद् ने एनएच किनारे की दुकानों को ट्रेड लाइसेंस देनेके साथ ही उन्हें लोन भी दिया है. यही नहीं, सफाई के नाम पर उनसे से रोजाना 20 रुपये की वसूली भी कर रही है. इस तरह एक बार बसा कर रोजगार देने के बाद अब उन्हें उजाड़ा जा रहा है. अब लोन नहीं चुका पाने पर बैंक भी उन्हें परेशान करेगा. श्री सामाड ने शहर में सत्ताधारी विधायक एवं मंत्री के रहते किसी के भी गरीबों के साथ नहीं खड़े होने का आरोप भी लगाया.





