जमशेदपुर : जमशेदपुर स्थित अतिरिक्त कुटुंब न्यायालय ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल में कार्यरत पति को अपनी शिक्षिका पत्नी एवं नाबालिग पुत्र को प्रति माह 21 हजार रुपये भत्ता के रूप में देने का आदेश दिया है. न्यायाधीश गीत कृष्णा तिवारी ने अपने निर्णय में कहा कि पति को गुजारा भत्ता की राशि का मुकदमा करने की तारीख से देना होगा. (नीचे भी पढ़ें)
बता दें कि वादी, सीआरपीएफ कर्मी की पत्नी ने वर्ष 2018 में अपने पति के विरुद्ध भरण-पोषण का वाद कोर्ट में दायर किया था. इस वाद पर आज आये फैसले के अनुसार सीआरपीएफ कर्मी को अपनी पत्नी को गुजारा भत्ता के रूप में कुल 10 लाख आठ हजार रुपये देने होंगे. कोर्ट ने आगामी 12 दिनों के अंदर पत्नी को उक्त राशि का भुगतान कर देने का निर्देश दिया है. न्यायालय ने मासिक 21 हजार रुपये में से पत्नी को 7 हजार रुपये गुजारा भत्ता जबकि शेष 14 हजार रुपये प्रति माह भरण-पोषण के लिए देना होगा. अधिवक्ता अमित कुमार सिंह ने वादी महिला की ओर से मामले की पैरवी की.




