जमशेदपुर : जमशेदपुर के मानगो निवासी और भाजपा नेता विकास सिंह के घर पर पिछले दिनों आधी रात को पुलिस की दबिश को लेकर शहर की राजनीति गरमा गयी है. राजनीति दलों से लेकर क्षत्रिय समाज समेत विभिन्न संगठनों के द्वारा पुलिस की इस कार्रवाई की निंदा की जा रही है और विरोध जताया जा रहा है. झारखंड क्षत्रिय महिला संघ ने इस मामले को लेकर उपायुक्त और एसपी से मिलने और आंदोलन तक की रणनीति बनायी है. इसी बीच बुधवार को बारी-बारी से भाजपा और विधायक सरयू राय की पार्टी भाजमो के नेता व कार्यकर्ता विकास सिंह के घर पहुंचे. वहां उन्होंने श्री सिंह की पत्नी और बच्चे से मिल कर उनका मनोबल बढ़ाया. भाजपा नेताओं ने पुलिसिया कार्रवाई की निंदा मात्र तक करके अपना फर्ज निभा लिया. वहीं भाजमो के जिलाध्यक्ष सुबोध श्रीवास्तव के नेतृत्व में पहुंचे सरयू समर्थकों ने आधी रात को दबिश की निंदा करने के साथ ही जरूरत पड़ने पर उग्र आंदोलन तक की चेतावनी दे डाली. कुल मिलाकर कहा जाये, भाजपाई इस मामले में खुल कर सामने आते नहीं दिखे, जबकि भाजमो नेता खुल कर सामने आये और चेतावनी तक दे डाली. चूंकि विकास सिंह भाजपा के समर्पित नेता माने जाते हैं, ऐसे में पार्टी की चुप्पी रहस्यमय और भाजमो की चेतावनी चर्चा का विषय बनी हुई है. (नीचे भी पढ़ें)

बुधवार को भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता कुणाल षाड़ंगी, समाजसेवी शिव शंकर सिंह दल बल के साथ विकास सिंह के आवास जाकर पत्नी और बच्चे से मिलकर न घबराने की बात कही. लोगों ने कहा कि पुलिस ने एक अपराधी और आतंकवादी की तरह छापामारी की है, उसकी जितनी निंदा की जाए कम है. मिलने वाले लोगों को विकास सिंह की पत्नी ने बताया कि एक दिन पूर्व उनके सामने मानगो थाना के प्रभारी को विकास सिंह ने फोन कर एनएच-33 में एक गोदाम में आग लगने की सूचना दी थी और पुलिस के साथ ही आग बुझाने का काम किया था. उसके साथ ही प्रत्येक दिन विकास सिंह सड़क में रहकर समाज सेवा करते हैं लगातार सोशल मीडिया और मीडिया में उनकी खबर प्रकाशित होती रहती है. उनका मोबाइल भी चालू रहता है. बावजूद पुलिस उनको गिरफ्तार नहीं की बल्कि आवास में देर रात आकर ऐसे छापामारी की जैसे वे एक पेशेवर अपराधी है. मौके में पहुंचे कुणाल षाड़ंगी ने कहा कि घबराने की कोई बात नहीं है. हम सभी आपके साथ हैं. विकास सिंह समाज सेवक हैं. इसलिए राजनीतिक दबाव में प्रशासन ने यह काम किया है, जो निंदनीय है. विकास सिंह के आवास में जाने वाले में विमल बैठा, राणा डे ,अमर सिंह, विजय सोए, नीरज सिंह, अमरिंदर पासवान समेत अन्य शामिल थे. (नीचे भी पढ़ें)
भाजमो जमशेदपुर महानगर का प्रतिनिधिमंडल जिलाअध्यक्ष सुबोध श्रीवास्तव के नेतृत्व में भाजपा नेता विकास सिंह के आवास पहुंचा और परिजनों से मुलकात की. प्रतिनिधिमंडल ने विकास सिंह की गैरहाजिरी में पुलिस द्वारा आधी रात को उनके घर पर दबिश देने की कारवाई की निंदा की. भाजमो जिलाध्यक्ष सुबोध श्रीवास्तव ने कहा कि वर्ष 2015 के मानगो दंगा मामले में प्रशासन द्वारा विकास सिंह के घर पर गिरफ्तारी के लिए छापामारी की गई. प्रशासनिक अधिकारी मध्य रात्रि विकास सिंह की खोज में उनके घर आ धमके और गेट पीटकर एवं बेल बजाकर परिजनों को भयभीत कर दिया. ऐसी कारवाई किसी मोस्ट वांटेड क्रिमिनल अथवा आतंकवादी के केस में गिरफ्तारी के लिए की जाती है. वर्ष 2015-2019 में जब भाजपा की सरकार थी तब इस मामले को खत्म क्यों नहीं किया गया. अब इस मामले में एकाएक गिरफ्तारी के लिए प्रशासन की करवाई से यह स्पष्ट है की जिला की पुलिस मंत्री बन्ना गुप्ता के इशारे पर काम कर रही है और मानगो नगर निगम चुनाव में जो भी मेयर अथवा अन्य पद की दावेदारी प्रस्तुत कर रहा है उस पर मंत्री के इशारे पर सरकारी तंत्रों के द्वारा कोई न कोई मुकदमा दायर कर अथवा वर्षों पुराने मामले को ढाल बनाकर गिरफ्तारी की जा रही है. इस करवाई से जानता में प्रशासन के प्रति विश्वास घटा है. उन्होंने कहा कि भाजमो प्रशासन की दोहरी नीति का विरोध करता है और मंत्री बन्ना गुप्ता को चेताना चाहता है यदि इस तरह की कार्रवाई पर अंकुश नहीं लगा तो भाजमो कार्यकर्ता सड़क पर उतर कर आंदोलन का रास्ता अख्तियार करेंगे. प्रतिनिधिमंडल में भाजमो युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष अमित शर्मा, जिला कोषाध्यक्ष धर्मेंद्र प्रसाद, व्यवसायिक प्रतिनिधि सह प्रवक्ता आकाश शाह, सोशल मीडिया प्रतिनिधि शेषनाथ पाठक, उलीडीह मंडल अध्यक्ष प्रेम सक्सेना, प्रवीण सिंह, नवीन कुमार, राजन राजपूत, दीपू ओझा, शुभम कुमार समेत अन्य शामिल थे. (नीचे भी पढ़ें)

झारखंड क्षत्रिय महिला संघ अध्यक्ष डॉ कविता परमार के नेतृत्व में महिला प्रतिनिधिमंडल विकास सिंह और पप्पू सिंह के आवास जाकर सारे मामले की जानकारी ली. प्रशासन द्वारा किया गया कृत्य चिंतनीय और निंदनीय है. इस पर महिला संघ ने हरसंभव सहायता करने का भरोसा दिलाया. साथ ही कल झारखंड सक्रिय संघ के बैनर तले सभी लोग एकजुट होकर के पीड़ित परिवार से मिलेंगे और डीसी-एसपी को ज्ञापन देंगे. बातचीत में विकास सिंह की पत्नी पूनम सिंह ने जो रात की घटना का जिक्र किया वह बहुत ही दुखद है. महिलाओं के साथ इस तरह का बर्ताव प्रशासन को नहीं करना चाहिए जिससे कि महिलाएं उग्र होकर के सड़क पर उतरने को मजबूर हो जाए. जमशेदपुर शहर में यह महसूस किया जा रहा है कि कुछ दिनों से एक खास समाज को टारगेट करके उनके लोगों को प्रताड़ित किया जा रहा है जो कि सभी समाज के लिए चिंता का विषय है और इस पर सभी लोगों को जात-पात से ऊपर उठकर के प्रशासन का विरोध करना चाहिए. प्रतिनिधिमंडल में अध्यक्ष कविता परमार के साथ संरक्षक देविका सिंह, महासचिव मंजू सिंह, उपाध्यक्ष जीनू सिंह, सचिव रीता सिंह, सुनीता सिंह, सुजाता सिंह, मुदिता सिंह, संध्या सिंह, सुनीता सिंह, सरिता सिंह, ममता सिंह शामिल थीं. दूसरी ओर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय नेता और आजसू नेता समरेश सिंह भी विकास सिंह के समर्थन में आ गए है. वे दल बल के साथ गुरुवार को विकास सिंह का समर्थन करने जायेंगे.




