अनिल कुमार/बोकारो : बोकारो जिले में अनुबंध पर काम कर रहे पारा चिकित्सा कर्मियों ने मंगलवार को सिविल सर्जन कार्यालय के समक्ष अपना बेमियादी धरना आरंभ कर दिया. पारा स्वस्थ्य कर्मियों का कहना है कि वे लंबे समय से अनुबंध पर काम कर रहे हैं. ऐसे में उनसे समान कार्य के लिए समान वेतन देने की बात तो कई बार कही गई, लेकिन अब तक उनकी सेवाएं समायोजित कर उनका स्थायीकरण नहीं किया गया. (नीचे भी पढ़ें)
उन्होंने कहा कि करीब 8 हजार पारा स्वास्थ्य कर्मी विगत 10 से 15 वर्षों से स्वास्थ्य विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. झारखंड सरकार की ओर से उनका स्थायीकरण करने के आश्वासन तो दिये जा रहे हैं, लेकिन ऐसा किया नहीं जा रहा है. इसी के विरोध में इस बार वे लोग अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ रहे हैं. इस दौरान धरना दे रहे पारा स्वास्थ्य कर्मी ‘अभी करो, अर्जेंट करो, हम को परमानेंट करो’ के नारे लगाते हुए अपनी मांगों की ओर वरीय पदाधिकारियों का ध्यान आकृष्ट करा रहे हैं. (नीचे भी पढ़ें)
झारखंड अनुबंध पारा चिकित्सा कर्मियों की मानें तो कोरोना काल में भी उन्होंने बढ़-चढ़कर काम किया. जब बाकी लोग अपने घरों में दुबके हुए थे, तब उन्होंने जान की परवाह न करते हुए मरीजों की सेवा की और अभी भी वे सेवा दे ही रहे हैं. लेकिन कम वेतन मिलने से उनका गुजारा नहीं हो पा रहा है. ऐसे में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठना उनकी मजबूरी है. हड़ताली स्वास्थ्य कर्मियों की मांग है कि सरकार उनकी मांगें पूरी करते हुए उनका स्थायीकरण करे.



