दुमका : झारखंड में चिकित्सकों ने एक नया कमाल कर दिया है. 19 साल के दुमका निवासी रहमूल अंसारी का जन्म से ही मुंह नहीं खोला था. मुंह नहीं खुलने के कारण वह पैदा होने के बाद से ही पेय पदार्थ पर ही निर्भर है. कभी भी अनाज नहीं खा पाया था. वह खाना तो दूर बोल भी नहीं पात था. रहमूल का चेहरा भी विकृत हो गया था. उसके इलाज के लिए परिजन काफी दिनों से चक्कर काट रहे थे. शुक्रवार को हेल्थ प्वाइंट अस्पताल में मैक्सिलोफेशियल सर्जन डॉ अनुज कुमार द्वारा रहमूल की सर्जरी की गयी, जिसके बाद अंतत: 19 साल के बाद मरीज अपने मुंह को खोल पाने में सक्षम हो गया है. (नीचे भी पढ़ें)
मामले की जानकारी देते हुए डॉ अनुज ने बताया कि टेम्पोरोमेंडीबुलर जॉइंट ऐंकलोसिस की ना सिर्फ़ सर्जरी जटिल होती है बल्कि ऐसे मामलों में मुंह बंद होने के कारण एनेस्थीसिया देना भी काफ़ी मुश्किल होता है. एनेस्थेटिस्ट डॉ ओम प्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि इस मरीज़ के लिए विशेष तौर पर फ़ाइबर ऑप्टिक लैरिंगोस्कोप मंगवाया गया जिसके बाद मरीज़ को एनेस्थीसिया दिया गया. डॉ अनुज कुमार ने बताया कि ऐंकलोसिस के कारण मरीज़ का नीचे के जबड़ा दोनों तरफ़ उसके खोपड़ी के हड्डी से पूरी तरह से जुड़ी हुई थी. (नीचे भी पढ़ें)
क़रीब 5 घंटे तक चले इस ऑपरेशन में नीचे के जबड़े को दोनों तरफ़ खोपड़ी की हड्डी से अलग किया गया और उसके पश्चात चेहरे की विकृति को भी ठीक किया गया. डॉ अनुज ने बताया कि ऐसे कई मरीज़ हैं जो उचित जानकारी के अभाव में ऐसी बीमारियों की वजह से अभिशप्त जीवन व्यतित कर रहे हैं. टीम में डॉ अनुज, डॉ ओपी श्रीवास्तव, डॉ राजेश रौशन और हेल्थ पॉइंट ओटी टीम के सदस्य थे.



