सरायकेला : सरायकेला जिला के तिरुलडीह थाना क्षेत्र के सापारुम जंगल मे इन दिनों अबैध बालू का कारोबार जमकर हो रहा है. स्वर्णरेखा नदी से रोजाना रात के अंधेरे में दर्जनों ट्रैक्टर बालू उठाव करने टूट पड़ते है और रात भर बालू का खेल चलता है. वहीं इस अवैध बालू के कारोबार को वैद्य होने का झांसा देकर बालू कारोबारी लोगो को डार्क में रखते है. झूठी हवा फैला दिया जाता है कि सापारुम में लीगल भंडारण व बालू का बिक्री होता है, मगर वास्तविकता यह है कि लगभग सारे हाइवा यहां से अवैध रूप से बालू ले जाते है. यहां से रोजाना दर्जनों हाइवा पश्चिम बंगाल के पुरुलिया सहित झारखंड के कई शहरों तक भेजा जाता है. (नीचे भी पढ़ें)
वहीं बालू माफिया अपनी ऊंची पहुंच व सेटिंग की बाते बोलकर लोगो पर धौंस जमाते है. सपारुम में संचालित हो रहे बालू कारोबार में कई लोग शामिल है जो रात भर इस कारोबार में लीन रहते है. विभाग व प्रशासन को इसकी खबर नही है या चुप्पी साधे है ये तो वही बात सकते है. स्थानीय लोगों का मानना है कि यहां बालू का अवैध कारोबार बंद होना नामुमकिन है. ऐसे में सवाल यह उठता है कि आखिर कब तक अवैध बालू कारोबारी सरकार को राजस्व का चूना लगाते रहेंगे, कब तक बालू माफिया होते रहेंगे मालामाल !



