जमशेदपुर : जमशेदपुर के गोलमुरी स्थित एबीएम कॉलेज की मनोविज्ञान विभाग की अध्यक्ष डॉ पूनम सहाय को अभी जेल में ही रहना होगा. उनकी जमानत याचिका को जमशेदपुर कोर्ट के सेशन जज अनिल कुमार मिश्रा की अदालत ने खारिज कर दिया है. कोर्ट ने माना है कि चूंकि यह वित्तीय घोटाला का मामला है, इस कारण सरकारी राशि का गबन हुआ है. इस सरकारी राशि के गबन की जांच होगी. जांच एजेंसियों की जांच पर भी असर पड़ सकता है. इस कारण उनकी जमानत याचिका को खारिज की जा रही है. आपको बता दें कि डॉ पूनम सहाय के खिलाफ घोटाले का आरोप है. (नीचे भी पढ़ें)
एबीएम कॉलेज में प्रिंसिपल रहते हुए डॉ आरके दास पर दो करोड़ रुपये की हेराफेरी करने का आरोप लगा था. इस हेराफेरी में एबीएम कॉलेज की पूर्व प्राचार्या डॉ पूनम सहायक पर ब्लैंक चेक पर साइन करने और राशि निकासी में डॉ दास का सहयोग करने का आरोप था. यूनिवर्सिटी की ओर से करायी गयी जांच में इस मामले में कुल सात लोग को आरोपी बताया गया था, जिसमें से पांच लोगों ने अपनी गलती मानते हुए गबन की राशि अपने वेतन से कटवाने की मंजूरी देकर पुलिसिा कार्रवाई से बच गये थे. इस मामले में बाद में डॉ पूनम सहाय ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया, जिसके बाद उनको जेल भेज दिया गया था.




