रामगोपाल जेना/चाईबासा : झारखंड राज्य प्रज्ञा केंद्र संचालक यूनियन की पश्चिमी सिंहभूम जिला इकाई ने मंगलवार को जिला मुख्यालय स्थित चाईबासा पुराना डीसी कार्यालय के बाहर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया. यूनियन के अध्यक्ष वीर सिंह तापेय ने कहा कि सीएससी द्वारा पीडीएस दुकानदारों और समूह को को झारसेवा आइडी देने से वीएलइओ की बेरोजगारी बढ़ेगी, जबकि विगत 17 वर्षों से वीएलई अपना योगदान देते आ रहे हैं. (नीेचे भी पढ़ें)
झारखंड सरकार द्वारा समय-समय पर वीएलई को रात्रि चौपाल, शिविर विद्यालयों में जाति, आवासीय, आय प्रमाण पत्र बनाने का कार्य और 10 रुपये में जाति प्रमाण पत्र, श्रम कार्ड, आयुष्मान कार्ड जैसी योजनाओं के लिए कार्य निर्देश देकर कराया, परंतु अभी भी कई भुगतान बकाया है. यूनियन के सचिव रोहन निषाद ने जाति, आवासीय, आय प्रमाण पत्र ऑनलाइन करने का शुल्क बढ़ाने एवं दूसरे राज्यों में वीएलईओ को मिलने वाली सुविधा व मानदेय झारखंड में भी देने की मांग उपायुक्त अनन्य मित्तल के माध्यम से मुख्यमंत्री से की. (नीेचे भी पढ़ें)
कोषाध्यक्ष समीर ठाकुर ने कहा कि सरकार हमारी मांगों का शीघ्र ही बकाया भुगतान पूरा करें. उन्होंने कहा कि प्रज्ञा केंद्रों की स्थिति बहुत दयनीय है. यूनियन के सदर प्रखंड अध्यक्ष सह मुखिया दामू बानरा ने गली-गली आइडी बांटने का विरोध किया. उन्होंने ऐसा होने की स्थिति में बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी दी. कार्यक्रम का संचालन सनी पाट पिंगुवा ने किया वहीं धरना आयोजन को सफल बनाने में राजकुमार साहनी, ज्योति सिंकू, हेलेन सिरका, दुर्गा चरण देवगम, हरिश्चंद्र बालमुचु, ज्योतिष कुमार सिंकू, विश्वनाथ सुंडी, सुशील चातोंबा, संजय महाराणा, सुरेश सिंकू, खगेश पाटपिंगुवा, विपन गगराई, रॉबिन्सन हेंब्रम, जगदीश बारी, अजय अरमान सवैयां, सुकरा तिरिया, बुधराम बलमुचु, शिवचरण लागुरी, निर्मल कुमार लागुरी, भूपेन्द्र पिंगुआ, जगनाथ हेंब्रम, गुलाब सिंह तियू, महती बलमुचु, कोलम्बस लगुरी सहित बड़ी संख्या में वीएलईओ ने योगदान किया.




