रामगोपाल जेना/चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय स्थित सभागार में उपायुक्त अनन्य मित्तल ने शिक्षा एवं कल्याण विभाग की ओर से संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की. उपायुक्त ने बैठक के दौरान शिक्षकों की उपस्थिति, विद्यालयों में पेयजल/बिजली आदि की उपलब्धता सहित मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना एवं प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना से संबंधित अद्यतन प्रतिवेदन का जायजा लेते हुए सभी शिक्षकों एवं शिक्षा कर्मियों को ई-विद्या वाहिनी पोर्टल के माध्यम से शत-प्रतिशत ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने का निर्देश दिया. (नीचे भी पढ़ें)

उपायुक्त ने बताया कि विद्यालयों में बिजली, पानी आदि की उपलब्धता की समीक्षा के दौरान शेष 99 विद्यालय में विद्युत कनेक्शन से संबंधित सभी आवेदन प्रक्रिया को आगामी समीक्षा बैठक से पूर्व पूरा करने का निर्देश दिया गया है. इसके अलावा विद्यालयों में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल चाईबासा/चक्रधरपुर से स्वीकृत योजनाओं का बचे हुए 101 विद्यालयों में तत्काल निर्माण कराने के लिए प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया. उन्होंने बताया कि समीक्षा के दौरान जिले के 18 विद्यालयों तक पहुंच पथ नहीं होने की बात सामने आयी, जिस पर संबंधित शिक्षा प्रसार पदाधिकारी को समेकित रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया, ताकि मामले में कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए इन विद्यालयों में भी पेयजल की सुविधा सुनिश्चित की जा सके.(नीचे भी पढ़ें)
उपायुक्त ने बताया कि कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की समीक्षा में मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत विभाग को अग्रसारित सभी आवेदनों के संदर्भ में फॉलोअप लेते हुए स्वीकृत ऋण की राशि प्राप्त करने का तदर्थ जिला कल्याण पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है. प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत जिले के 2,18,000 बच्चों को छात्रवृत्ति की राशि उपलब्ध कराई गई है तथा शेष बच्चों के बैंक खातों के नंबर प्राप्त करते हुए सभी बच्चों को इसका लाभ मुहैया कराने की हिदायत दी गयी है.(नीचे भी पढ़ें)
उक्त बैठक में जिला शिक्षा अधीक्षक अभय कुमार सील, जिला कल्याण पदाधिकारी लक्ष्मण हरिजन, सभी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी, प्रखंड कल्याण पदाधिकारी सहित अन्य लोग भी उपस्थित रहे.




