जमशेदपुर : भाजपा के पूर्व सांसद सालखन मुर्मू के जमशेदपुर के कदमा निवास में प्रेस कॉन्फ्रेंस किया. इसमें सुमित्रा मुर्मू, सोनाराम सोरेन, बिमो मुर्मू, तिलका मुर्मू,जूनियर मुर्मू, कुनुराम बास्के, मंगल अलड्डा, घनश्याम टुडू शामिल थे. मीडिया को बताया गया कि विश्व सरना धर्म कोड जनसभा 30 जून को कोलकाता ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित होगा. इसमें 7 प्रदेशों और लगभग 400 प्रखंडों के लाखों आदिवासी कार्यकर्ता और समर्थक हर हाल में सरना धर्म कोड को 2023 में हासिल करने का शपथ लेंगे. गुलामी से आज़ादी का आदिवासी क्रांति बिगुल फूंकेंगे. (नीचे भी पढ़ें)
जनसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रित किया गया है. आरएसएस के मुखिया मोहन भागवत को भी आमंत्रित किया जाएगा. इन लोगो ने बताया कि 8 मई को देश के गृह मंत्री अमित शाह को पत्र भेजा गया है. उन्हें सालखन मुर्मू ने सूचित किया है कि एक तिकड़ी जिसमें आदिवासी स्वशासन व्यवस्था के अगुआ – माझी परगना, मानकी मुंडा आदि, जेएमएम पार्टी, ईसाई मिशनरी आदि संविधान के अनुच्छेद 13 के 3 (क) का गलत व्याख्या कर आदिवासी समाज को बर्बाद करने पर तुले हुए हैं. इस कारण आदिवासी समाज को शांति और सुरक्षा के लिए जरूरी कार्रवाई किया जाये. (नीचे भी पढ़ें)
सालखन मुर्मू ने राष्ट्रपति को पत्र भेजकर सावधान किया है कि झारखंड भी मणिपुर बन सकता है. यदि वोट बैंक के लोभ लालच में कुर्मी या कुड़मी जैसे जाति को एसटी का दर्जा दिया जायेगा तो असली आदिवासियों का नरसंहार निश्चित है, विनाशकारी है. सेंगेल 22 मई 2023 को बंगाल बंद को बाध्य है क्योँकि बंगाल के झाड़ग्राम जिला के जांबोनी थाना और पुरुलिया के हुडा थाना में आदिवासी परिवारों के साथ हुए अन्याय अत्याचार के खिलाफ जिला पुलिस प्रशासन ने अब तक कुछ भी नहीं किया है. इसके पूर्व 15 मई को राजभवन कोलकाता के समक्ष एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें सालखन मुर्मू और सुमित्रा मुर्मू भी शामिल रहेंगे.



