जमशेदपुर : 12 वर्ष पुराना एक डकैती मामले में सुनवाई कर रहे जमशेदपुर कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश सह जिलाजज अनिल कुमार मिश्रा-वन की अदालत ने शुक्रवार को सुनवाई के दौरान आरोपी शंभू प्रसाद, अजय यादव, राजेश गिरी, आकाश कांत लाल, अमित कुमार और सत्यनारायण दास को साक्ष्य अभाव में बरी कर दिया. इस मामले में तीन लोगों की गवाही हुई हैं. घटना 25 दिसंबर 2011 की हैं. पश्चिम सिंहभूम के सांभाजटा गोइलकेरा निवासी कार्तिक अंगरिया एवं उसके चचेरे भाई अमन अंगरिया से पांच-छह अपराधियों मिलकर घटना का रात साढ़े तीन बजे महुलबेड़ा चौक गाढ़ाबासा के पास घेर कर दोनों के पास से नकद और मोबाइल लूट लिया था. घटना के दिन दोनों भाई गोईलकेरा से गोलमुरी चर्च आए हुए थे. कार्यक्रम समाप्ति के बाद स्टेशन जाने के लिए चर्च के बहार सड़क किनारे खड़े थे, तभी पुलिस पेट्रोलिंग जीप आया खड़े रहने का कारण पूछा तो बोला कि स्टेशन जाने के लिए टेम्पो पकड़ने लिए खड़े हैं. (नीचे भी पढ़ें)
पुलिस द्वारा बताया गया कि यह से टेम्पो नहीं मिलेगा दोनों भाई को जीप पर बैठाकर आरडी टाटा गोलचक्कर के पास छोड़ दिया ओर बोला कि यहां से टेम्पो मिल जायेगा. दोनों भाई पैदल चलने लगा वहां पर एक व्यक्ति आग ताप रहा था। उस व्यक्ति से पूछने पर बताया कि यह टुईलाडुंगरी हैं. ढंड होने के कारण दोनों भाई आग तापने लगा तभी एक युवक आया और दोनों के बारे पूछकर चले गए. आग ताप रहे व्यक्ति ने बोला कि यहां से चले जाए पुलिस आकर तंग करेगा. दोनों भाई पैदल ही स्टेशन की ओर जाने लगा. कुछ दूरी चलने पर वही युवक जो आया था उसके साथ पांच -छह युवक आए दोनों भाई को घेर लिया एवं उसके पास से नकद 410 रूपए, मोबाइल छीन लिए एवं भाई अमन के पास से नकद एक हजार रूपए और मोबाइल छीन लिया. दोनों भागने लगे तब वदमाशों ने पीछे से पत्थर से हमला किया था.



