जमशेदपुर : टाटा स्टील के जमशेदपुर के क्वार्टरों को लेकर नये पैमाने तय कर दिये गये है. पिछले दिनों टाटा स्टील के हाउस एलॉटमेंट कमेटी (एचएसी) की हुई बैठक में इन सारे मसलों पर फैसला किया गया. इसके तहत तय किया गया कि वैसे कर्मचारी जो रिटायरमेंट के बाद 18 माह का समय खाली करने का दिया जाता है. अगर 18 माह के बाद भी कोई कर्मचारी अपना क्वार्टर नहीं खाली करता है तो उनका सेंटलमेंट का पैसा तो नहीं ही मिलता है, लेकिन अब उस पर रोजाना लगने वाला हर्जाना की राशि भी ज्यादा मिलेगी. 200 रुपये प्रति दिन के हिसाब से हर्जाना लगाया जाता था, जिसकी राशि को बढ़ाकर 300 रुपये प्रतिदिन कर दिया गया है. इसके अलावा यह भी तय कर दिया गया है कि भविष्य में भी अगर क्वार्टर को कोई कर्मचारी खाली नहीं करता है तो कर्मचारी के बच्चों का रजिस्ट्रेशन भी रद्द कर दिया जायेगा और कर्मचारियों के बच्चों के रजिस्ट्रेशन पर मिलने वाला लाभ भी बंद हो जायेगा. (नीचे भी पढ़ें)
यह भी तय किया गया कि जिस कर्मचारी की तीसरी पीढ़ी कोई क्वार्टर में रह रहा है, तो उसको बिना किसी प्वाइंट देखे ही उक्त क्वार्टर एलॉट कर दिया जायेगा. वहीं, क्वार्टर को लेकर मिलने वाले प्वाइंट को भी बढ़ाया गया है. नये संशोधन के मुताबिक, टाटा स्टील के स्पोटर्स कोटा में किसी भी खेल में ऑल इंडिया स्टील स्तर पर प्रतिनिधित्व करने वाले कर्मचारियों को क्वार्टर आवंटन में अतिरिक्त 10 प्वाइंट मिलेगा. ट्रांसजेंडर कर्मचारी को अतिरिक्त 10 प्वाइंट दिया जायेगा जबकि पिता की सेवा अवधि के आधार पर प्वाइंट देने को भी मंजूरी दी गयी. (नीचे भी पढ़ें)
इसके तहत 10 से 20 साल तक सेवा पूरी होने पर अतिरिक्त 7 प्वाइंट, 20 से 25 साल तक सेवा देने वाले को 10 प्वाइंट, 25 से 35 साल तक सेवा देने वाले को 12 प्वाइंट और 35 साल से अधिक सेवा पूरी करने वाले को अतिरिक्त 20 प्वाइंट दिया जायेगा. इस बैठक में टाटा स्टील की वीपी एचआरएम अतरई सान्याल, चीफ एचआर आइआर जुबिन पालिया, इंप्लाइज इंगेजमेंट संजय, प्रणय सिन्हा, अनुज सिन्हा, अभिषेक पांडेय के अलावा टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु, महामंत्री सतीश सिंह, डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश सिंह और कोषाध्यक्ष हरिशंकर सिंह मौजूद थे.




