जमशेदपुर : जमशेदपुर के बिष्टुपुर थाना क्षेत्र के बेल्डीह ग्राम के रहने वाला रहमान अंसारी को उसके पिता रफीक अंसारी द्वारा पेट्रोल छिड़ककर नींद में ही जलाकर मार डालने के मामले में जमशेदपुर कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश सह जिला जज अनिल कुमार मिश्रा – वन की अदालत ने सोमवार को मामले में सुनवाई के दौरान आरोपी पिता रफीक अंसारी को दोषी करार दिया है. अदालत ने इस मामले में सजा के बिंदु पर 28 जून को सुनवाई करेगी. इस मामले में अदालत के समक्ष कुल 8 लोगों की गवाही हुई हैं. घटना 5 मार्च 2021 की सुबह 8.15 बजे की हैं. मृतक रहमान अंसारी का भाई रहीम अंसारी ने बिष्टुपुर पुलिस को बताया था कि घटना के दिन वह अपने कमरे में सोया था. अचानक भाई रहमान की चिल्लने की आवाज आयी. आवाज से नींद खुल गई, भाई की पत्नी नेहा और वहन शवनम के साथ भाई रहमान की कमरे की ओर दौड़कर गया तो देखा कि पिता दरवाजा के पास खड़ा था.(नीचे भी पढ़े)
देखकर भागने की कोशिश की, कमरे का दरवाजा बहार से बंद था. दरवाजा खोलकर अंदर गया तो पाया कि भाई रहमान बुरी तरह जल रहा था. भाई को बाथरूम में ले जाकर पानी से आग को बुझाने का प्रयास किया. लेकिन आग नहीं बुझा, आसपास के लोग आ गए, किसी प्रकार आग को बुझाया और इलाज के टीएमएच लेकर गया. रास्ते में पूछताछ में रहमान बताया था कि पिता रफीक अंसारी ने उनके सोते हालत में पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दिया और बाहर से दरवाजा बंद कर दिया था. टीएमएच में 5-6 दिन तक भाई रहमान का इलाज चला, 11 मार्च को इलाज के दौरान रहमान की मृत्यु हो गई थी. घटना का कारण पिता रफीक का दूसरे औरतों से नाजायज संबंध का विरोध करता था, विरोध से घर पर मां को भी मारता – पीटता था. बहुओं पर भी रफीक का बुरा नजर रहता था.



