जमशेदपुर : जमशेदपुर के गोविंदपुर स्थित न्यूवोको विस्तास कॉर्पोरेशन लिमिटेड जोजोबेड़ा एवं रामकृष्ण हेल्थ सर्विसेज के साथ मिलकर सीमेंट प्लांट के मजदूरों के हेल्थ के साथ खिलवाड़ करने वाला डॉक्टर महेन्द्र कुमार तंतुवाई की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए जमशेदपुर कोर्ट के एडीजे टू आभाष कुमार वर्मा की अदालत ने सोमवार को खारिज कर दी. डॉक्टर महेन्द्र की एमबीबीएस सर्टिफिकेट फर्जी है. तीन सदस्यीय डॉक्टर की टीम ने 12 अक्टूबर 2022 को डॉक्टर महेन्द्र कुमार तंतुवाई की शैक्षणिक प्रमाणपत्र की जांच की, जांच में फर्जी पाया गया था, डॉक्टर द्वारा वेस्ट बंगाल मेडिकल काउंसिल का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट दाखिल किया गया था.(नीचे भी पढ़े)
जांच में यह बात सामने आया कि वेस्ट बंगाल मेडिकल काउंसिल द्वारा सर्टिफिकेट जारी नहीं किया जाता हैं. डॉक्टर महेन्द्र की मेडिकल सर्टिफिकेट फर्जी होने की बात न्यूवोको विस्तास कॉर्पोरेशन लिमिटेड एवं रामकृष्ण हेल्थ सर्विसेज को पहले से ही जानकारी में था. फिर भी महेन्द्र द्वारा जोजोबेड़ा सीमेंट प्लांट के मजदूरों का जान जोखिम में डाल कर इलाज करवाया जा रहा था. इस संबंध में मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी के बयान पर गोविंदपुर थाने डॉक्टर महेन्द्र के खिलाफ धोखाधड़ी एवं जालसाजी के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी.



