चाकुलिया: चाकुलिया वन विभाग कार्यालय में बुधवार को डीएफओ ममता प्रियदर्शी की अध्यक्षता में पंचायत के जन प्रतिनिधि और ग्राम प्रधानों की बैठक हुई. बैठक में बतौर मुख्य अतिथि विधायक समीर महंती उपस्थित थे. उन्होंने कहा कि हाथियों से विगत कई दिनों से जान माल की क्षति हुई है. कहा कि हाथी से क्षेत्र में जान की क्षति ना हो इसपर विचार विमर्श और चिंतन मंथन कर प्रयास करना चाहिए. कहा कि हाथी को जंगल में जिस वतावरण में रखना चाहिए हम नहीं रख पा रहे हैं. विभाग इस बिन्दु पर पहल करें उनकी जहां जरूरत हो कहें वे हर समय हर तरह से सहयोग के लिए तैयार है. विधायक ने कहा कि क्षेत्र में हाथी प्रभावित क्षेत्र को चिन्हित कर हाथियों को जंगल में ठहराने के लिए उसके अनुकूल वातावरण को तैयार करें और जंगल में हाथियों को पीने के लिए समुचित जलाशय की व्यवस्था करें.(नीचे भी पढ़े)

डीएफओ ने कहा कि चाकुलिया और बहरागोड़ा प्रखंड में विगत कुछ दिनों से हाथियों का आवागमन बढ़ गया है, जिसके कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. इस समस्या के समाधान के लिए बैठक की गई है. बैठक में जनप्रतिनिधि अपने सुझाव रखें. उन्होंने कहा की चाकुलिया वन क्षेत्र में हाथियों की संख्या बढ़ी है, यह क्षेत्र के लिए शुभ संकेत है. पंचायत मुखिया अपने लेटरपेड पर वन क्षेत्र में जहां जहां तालाब निर्माण करने और पौधे लगाने की जरूरत हो लिखकर विभाग को दे ताकी विभाग आगे कार्य किया जा सके.उन्होंने कहा कि हाथियों के उत्पात और एलीफेंट कॉरिडोर से हाथी क्यों भटक रहे हैं इस पर टीम को बुलाया गया, जो इस विषय पर अवलोकन कर विभाग को जानकारी देंगे. बैठक में जन प्रतिनिधियों ने कहा कि हाथी प्रभावित गांव में विभाग द्वारा तालाब का निर्माण कराया जाए, जंगल के किनारे स्ट्रैच का निर्माण करने, वाच टावर निर्माण करने और गांव में ट्रच पटाखा का वितरण किया जाए.(नीचे भी पढ़े)

बैठक में जिला परिषद सदस्य धरित्री महतो, रायदे हांसदा, प्रखंड प्रमुख धनंजय करुणामय, बहरागोड़ा प्रमुख सुसमा मुर्मू सोरेन, मुखिया पानसरी हांसदा,शिवचरण हांसदा, साहेब राम मांडी, मोहन सोरेन, पुनम मांडी, दानगी सोरेन, मंजुला मुर्मू, आलोवती बास्के, मंजू टुडू, परमेश्वर हेम्ब्रम, लखीराम मुर्मू, बुबाई दास, दशरथ मुर्मू,दासो हेम्ब्रम, सांसद प्रतिनिधि सुनाराम हांसदा समेत अन्य उपस्थित थे. अंत में धन्यवाद ज्ञापन रेंजर दिग्विजय सिंह ने दिया. बैठक के पश्चात जन प्रतिनिधि और ग्राम प्रधानों के बीच 2-2 टॉर्च और पटाखा का वितरण किया गया.



