जमशेदपुर : जमशेदपुर के यूनाइटेड फोरम फॉर पीस एंड जस्टिस ने गुरुवार को मणिपुर में हुए हिंसा को लेकर उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति दौपद्री मुर्मू को ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन में मणिपुर में पिछले 80 दिनों से जारी नस्लीय हिंसा को रोकने, शांति, सद्भावना, न्याय और समानता स्थापित करने की मांग की गई हैं. ज्ञापन के माध्यम से यूनाइटेड फोरम फॉर पीस ने सरकार से मांग की है, कि माईती और कुकी समुदाय के बीच आपसी विश्वास बहाल करने के लिए शांति समिति का गठन, सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के अध्यक्षता में जांच कमीशन का गठन, हिंसा में मारे गए लोगों के आश्रितों को दस दस लाख मुआवजा एवं सरकारी नौकरी, उपासनागृह चर्च और मंदिर जो हिंसा में तबाह हो गए, (नीचे भी पढ़ें)
उन्हें सरकार अपने पैसे से ठीक करवाए, त्वरित न्याय देने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन और साथ ही मुकदमे की समय सीमा तय की जाए, गवाहों की पूर्ण सुरक्षा के लिए विटनेस प्रोटेक्शन लॉ लागू की जाए और संवैधानिक लाभ एवं आर्थिक उन्नति के लिए होने वाले इस अनवरत संघर्ष को स्थाई रूप से खत्म करने के लिए कुकी जनजाति और माईती समुदाय के अलग अलग स्वशासन की संवैधानिक व्यवस्था अर्थात राज्य पुनर्गठन की मांग की गई हैं. यूनाइटेड फोरम फॉर पीस एंड जस्टिस ने उम्मीद जताई है कि महामहिम अपने स्तर पर केंद्र सरकार और मणिपुर सरकार पर आवश्यक संवैधानिक कदम उठाने के लिए अधिनियमित, आदेशित, निर्देशित करने की मांग फोरम के द्वारा की गई हैं.




