रामगोपाल जेना/चाईबासा : पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा एवं सांसद गीता कोड़ा की उपस्थिति में जिला प्रशासन और रेल प्रशासन ने रेलवे द्वारा सरबिल एवं पदापहाड़ के ग्रामीणों की अधिग्रहित भूमि के मुआवजे की मांग के मद्देनजर जमीन के सत्यापन का कार्य शुरू कर दिया है.(नीचे भी पढ़ें)
बताते चलें कि रेलवे द्वारा थर्ड लाइन के निर्माण के लिए ग्रामीणों की जमीन का आधिग्रहण किया गया था. इससे प्रभावित ग्रामीण लंबे समय से अपनी अधिग्रहित जमीन के मुआवजे की मांग कर रहे थे. सांसद गीता कोड़ा के प्रयास से ग्रामीणों में मुआवजा भुगतान की आस जगी है. ज्ञात हो कि मानसून सत्र के दौरान केवल ग्रामीणों को रेलवे द्वारा मुआवजा दिलाने एवं भूमि के सत्यापन के लिए सांसद गीता कोड़ा दिल्ली से आज ही लौटी हैं. बताते चलें कि सांसद ने ग्रामीणों को मुआवजे के भुगतान के लिए विगत 12 जुलाई को जिला प्रशासन एवं रेल प्रशासन की संयुक्त बैठक कराई थी, जिसमें 27 जुलाई को भूमि सत्यापन की बात तय हुई थी. इसी के आलोक में रेलवे एवं जिला प्रशासन ने भूमि सत्यापन का कार्य आरंभ किया.(नीचे भी पढ़ें)
इस अवसर पर सभी रैयत अपने कागजात के साथ सर्वे स्थल पर मौजूद थे. सांसद गीता कोड़ा ने सभी रैयतों को संबोधित करते हुए कहा कि सभी रैयतों के जमीन अधिग्रहण का सत्यापन होगा और अधिग्रहण के सत्यापन के उपरांत प्रावधानों के अनुरूप उन्हें मुआवजा, नौकरी आदि दिलाया जाएगा. रेलवे प्रशासन की ओर से चक्रधरपुर मंडल अभियंता मनीष गुप्ता और जिला प्रशासन की ओर से एडीसी संतोष सिन्हा, जिला भूमि अधिग्रहण पदाधिकारी एजाज अनवर, जगन्नाथपुर अनुमंडल पदाधिकारी शंकर एक्का, नोवामुंडी बीडीओ अनुज बांडों उपस्थित थे.(नीचे भी पढ़ें)
सर्वे स्थल में सैकड़ों की संख्या में रैयत उपस्थित थे. मुख्य रूप से सरबिल मुन्डा दुसा लागुरी, पदापहाड़ मुन्डा शम्भु बलमुचु, राजेन्द्र बलमुचु, राजेन्द्र बलमुचु, सुशीला बलमुचु, डुचा बलमुचु, गुलेश बलमुचु, सुखराम बलमुचु, शंकर बलमुचु, रेन्सो पुर्ती, लक्ष्मण बलमुचु, माहती बलमुचु,मंगल बलमुचु, सोनाराम बलमुचु, आनन्द बलमुचु, मंजीत प्रधान, रघुनाथ राउत, मंजु पुर्ति, हरप्रीत सिंह, संजय घोष, बसंत गोप, दानिश हुसैन, ममूर अंसारी, राना बोस, लाल मोहन दास, प्रदीप प्रधान, जगदीश खिलार, मो. सुब्रतो घोष, रेश प्रजापति, प्रफुल्ल दास, विश्वकर्मा दास, एवं काफी संख्या में स्थानीय ग्रामीण भी उपस्थित रहे.





