सरायकेला : सरायकेला-खरसावां जिला शतरंज संघ आगामी 54वीं राष्ट्रीय जूनियर (अंडर-19) एवं 39वीं राष्ट्रीय जूनियर बालिका शतरंज चैंपियनशिप के आयोजन को लेकर पूरी तरह सक्रिय हो गया है. संघ की कार्यकारिणी समिति की बैठक संघ के मुख्य संरक्षक शंभूनाथ सिंह और अध्यक्ष मनोज कुमार की उपस्थिति में संपन्न हुई, जिसमें आयोजन को सफल बनाने के लिए विभिन्न उपसमितियों का गठन किया गया. बैठक में तय किया गया कि खिलाड़ियों के ठहराव, परिवहन, स्वागत-सत्कार, प्रचार-प्रसार और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की जिम्मेदारी अलग-अलग समितियों को सौंपी जाएगी. आवास व्यवस्था समिति की कमान राज कुमार सिंह (उपाध्यक्ष), परिवहन समिति की जिम्मेदारी बिनोद कुमार सिंह (उपाध्यक्ष), स्वागत एवं आतिथ्य समिति की कमान उपाध्यक्ष शैलेन्द्र कुमार, प्रचार-प्रसार समिति की जिम्मेदारी संरक्षक एनके सिंह, जबकि सांस्कृतिक एवं स्मृति चिह्न समिति की जिम्मेदारी रामनंदन प्रसाद को दी गई है.(नीचे भी पढ़े)
सभी समितियों के कार्यों की देखरेख और निष्पादन की जिम्मेदारी उत्सव कुमार ओझा, मिलन पाठक, सुमीत बाघ, तापस दास और अभ्रदीप बनर्जी को सौंपी गई है. यह प्रतिष्ठित चैंपियनशिप 16 से 24 दिसंबर 2025 तक जमशेदपुर के द वेव इंटरनेशनल में आयोजित होगी. इसमें देशभर से अंडर-19 वर्ग के चुनिंदा प्रतिभाशाली खिलाड़ी भाग लेंगे. प्रतियोगिता को अखिल भारतीय शतरंज महासंघ तथा अखिल झारखंड शतरंज संघ का सहयोग प्राप्त है, वहीं इसे भारत सरकार के युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय का समर्थन भी मिला है. प्रतियोगिता में कुल 11 राउंड स्विस सिस्टम के तहत खेले जाएंगे। भाग लेने वाले खिलाड़ियों की आयु 1 जनवरी 2006 या उसके बाद जन्मे तक सीमित है. देशभर से जीएम, आईएम, डब्ल्यूजीएम और डब्ल्यूआईएम सहित राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर के उभरते खिलाड़ी इसमें चुनौती पेश करेंगे. खिलाड़ियों के लिए 10 लाख रुपये की पुरस्कार राशि निर्धारित की गई है, जिसमें ओपन और गर्ल्स कैटेगरी में शीर्ष 20 – 20 खिलाड़ियों को नकद इनाम मिलेगा। विजेता को 1 लाख रुपये, उपविजेता को 72000 रुपये जबकि तीसरे स्थान पर आने वाले खिलाड़ी को 60000 रुपये प्रदान किए जाएंगे. आयोजकों ने स्पष्ट किया कि राज्यों द्वारा चयनित खिलाड़ियों को मुफ्त डॉर्मिटरी आवास और 1500 रुपये का बोर्डिंग भत्ता दिया जाएगा. वहीं, स्टेशन व हवाई अड्डे से स्थल तक विशेष परिवहन सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी. जिला शतरंज संघ का कहना है कि यह प्रतियोगिता न सिर्फ झारखंड बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का अवसर है. आयोजन समिति ने स्पष्ट किया है कि इस चैंपियनशिप को उत्सव के रूप में मनाया जाएगा और खिलाड़ियों व दर्शकों के लिए उत्कृष्ट माहौल तैयार किया जाएगा.



