जमशेदपुर : जमशेदपुर के समाहरणालय सभागार में उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई. बैठक में जिले के विद्यालयों की शैक्षणिक एवं आधारभूत संरचना संबंधी स्थिति की विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई. उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने आगामी बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों को लेकर विस्तृत रणनीति पर चर्चा की. उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा इस दिशा में विशेष पहल की जा रही है, ताकि आने वाले 4 से 5 महीनों को अच्छे से उपयोग किया जा सके. बैठक में बोर्ड रिज़ल्ट को बेहतर करने तथा शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार के लिए ठोस कार्ययोजना पर विमर्श किया गया. उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा विभाग का फोकस एजुकेशनल आउटकम्स पर जरूर हो. इसके लिए संसाधनों का अधिकतम और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए. उपायुक्त ने शिक्षा विभागीय पदाधिकारियों, शिक्षकों को 20 सितंबर तक साप्ताहिक सिलेबस कैलेंडर तैयार करने का निर्देश दिया. साथ ही यह तय किया गया कि हर 15 दिन में टेस्ट आयोजित होंगे, जिससे बच्चों की प्रगति का आकलन हो सके. जो विद्यार्थी किसी विषय में कमजोर हैं, उनके लिए प्रत्येक शनिवार को रिमेडियल क्लास आयोजित करने की बात कही गई. (नीचे भी पढ़ें)

बैठक में विद्यालयों में पौधारोपण अभियान, स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार हेतु पंजीकरण, कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों के लिए मुख्यमंत्री छात्रवृत्ति योजना, कक्षा 9 से 12 तक के बच्चों को यूनिफॉर्म हेतु राशि वितरण, किताब-कॉपी एवं स्कूल बैग वितरण, बैंक खाता खोलने की स्थिति, भवनहीन स्कूल, शौचालय, बिजली एवं पेयजल सुविधा की उपलब्धता आदि विषयों विस्तृत समीक्षा की गई. साथ ही ई-विद्यावाहिनी पोर्टल पर शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की ऑनलाइन उपस्थिति तथा आवासीय विद्यालयों में उपलब्ध सीटों के अनुरूप नामांकन की स्थिति पर भी चर्चा की गई. बैठक में पाया गया कि जिले के 14859 बच्चों का बैंक खाता नहीं खुल पाया है. इस पर उपायुक्त ने जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि एलडीएम के साथ समन्वय स्थापित कर अतिशीघ्र सभी बच्चों का बैंक खाता खोला जाए, ताकि योजनाओं का लाभ समय पर छात्रों को मिल सके. शिक्षा पदाधिकारी ने जानकारी दी कि गत माह लगभग 4000 बच्चों का बैंक खाता खोला गया है, शेष बच्चों का खाता खुलवाने की प्रक्रिया प्रगति पर है. (नीचे भी पढ़ें)
उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि विद्यालयों में स्वच्छता अभियान को प्राथमिकता देते हुए स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार हेतु अधिक से अधिक स्कूलों का पंजीकरण सुनिश्चित करें. सीएम स्कॉलरशिप एवं यूनिफॉर्म हेतु राशि वितरण कार्य समयसीमा में पूर्ण किया जाए. भवनहीन विद्यालय, शौचालय, बिजली एवं पेयजल आदि की समस्या को लेकर सर्वे रिपोर्ट समर्पित करें ताकि स्वीकृति प्रदान की जा सके. उन्होने स्पष्ट निर्देश दिया कि ई-विद्यावाहिनी पोर्टल पर शिक्षकों एवं बच्चों की ऑनलाइन उपस्थिति अनिवार्य रूप से दर्ज होनी चाहिए. उपायुक्त ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता एवं बच्चों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाना प्राथमिकता है. प्रखंड स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित कर शिक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाया जाए. बैठक में उप विकास आयुक्त नागेन्द्र पासवान, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, सभी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे.




