जमशेदपुर : जमशेदपुर भाजपा में बदलाव का दौर चल रहा है. बदलाव के तहत एक नया मामला यह सामने आया है कि भाजपा के निष्कासित हुए नेताओं की क्या घरवापसी अब भाजपा करायेगी. यह सवाल भी उठने लगा है. इसकी वजह है कि भाजपा ने 2019 के चुनाव के बाद 6 साल के लिए भाजपा के 21 नेताओं को पार्टी से निकाल दिया था. इसमें विधायक सरयू राय, पूर्व विधायक बड़कुंवर गगराई समेत जमशेदपुर के भी कई बड़े नेता शामिल थे. इन सारे नेताओं का 6 साल की अवधि पूरी हो गयी है. ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि अब क्या इन नेताओं की घरवापसी होगी. वैसे निष्कासित नेताओं में से भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अमरप्रीत सिंह काले का वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव के वक्त असम के मुख्यमंत्री सह झारखंड के प्रदेश चुनाव प्रभारी रहे हिमंता विश्वा सरमा ने ज्वाइनिंग करा दिया था. सरयू राय अभी जनता दल यूनाइटेड में है. वहीं, पूर्व विधायक बड़कुंवर गगराई की भी वापसी का रास्ता साफ है. लेकिन अब भी कई नेता ऐसे है, जिनकी वापसी होने का इंतजार सबको है. (नीचे भी पढ़ें)
जमशेदपुर पूर्वी में 2019 के चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के खिलाफ चुनाव में काम करने और विधायक सरयू राय को जीताने में मदद करने वाले नेताओं को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था. इसमें सरयू राय, बड़कुंवर गगराई, महेश सिंह, दुष्यंत पटेल, अमित यादव, अमरप्रीत सिंह काले, सुबोध श्रीवास्तव (अभी जदयू जिला अध्यक्ष जमशेदपुर), असीम पाठक,रजनीकांत सिंह, सतीश सिंह, रामकृष्ण दुबे, डीडी त्रिपाठी, रामनारायण शर्मा, रतन महतो, हरेराम सिंह, मुकुल मिश्रा, हजारीबाग और रामगढ़ से सर्वेश सिंह, संजय सिन्हा, मिथलेश पाठक, त्रिभुवन प्रसाद शामिल थे. पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुआ ने इनका निष्कासन किया था. (नीचे भी पढ़ें)
इसमें से कई नेता सक्रिय राजनीति में है और जदयू समेत अन्य पार्टी से जुड़ चुके है. लेकिन उनकी आत्मा भाजपा में ही बसती है. ऐसे में सवाल यह उठना लाजिमी है कि कमजोर हो चुकी भाजपा के संगठन को मजबूत बनाने के लिए क्या इन सारे नेताओं की घरवापसी पार्टी करायेगी. अगर करायेगी तो कब तक, जिसकी राह खुद निष्कासित नेता भी कर रहे है.



