गुड़ाबांदा: कोल्हान प्रमंडल अंतर्गत पूर्वी सिंहभूम जिला के गुड़ाबांदा प्रखंड के मिलन बिथी प्लस टू विधालय, ज्वालकाटा में झारखंडी क्षेत्रीय भाषाओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए नि:शुल्क क्षेत्रीय भाषाओं के पाठयक्रम के अनुसार संथाली पाठ्य पुस्तक पे पाआ चावले, कुङमाली पाठ्य पुस्तक फूल फॉर आर भांउर और मुंडारी पाठ्य पुस्तक मुंडारी भाषा व्याकरण आदि झारखंडी भाषाओं के पाठ्य पुस्तक झारखंड डेवलपमेंट फाउंडेशन के द्वारा नि:शुल्क पुस्तक वितरण किया गया. पुस्तक वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में युवा आंदोलनकारी सह समाजसेवी अमित महतो शामिल हुए. श्री महतो ने कहा कि अलग झारखंड राज्य का गठन यहां के नौ क्षेत्रीय भाषाओं के आधार पर किया गया है और झारखंड के हर व्यक्ति और युवाओं कि यह ज़िम्मेदारी हैं कि यहां के सभी क्षेत्रीय भाषाओं के संरक्षण और संवर्धन जरूरी है और क्षेत्रीय भाषाओं के विकास के बिना झारखंड के विकास का सपना अधूरा ही रहेगा. (नीचे भी पढ़े)

विद्यालय के प्रधानाध्यापक सुखदेव राणा ने कहा कि विद्यालय में किसी भी क्षेत्रीय भाषाओं के शिक्षकों की बहाली अब तक स्कूल में नहीं हुआ हैं जिसे बच्चों को पढ़ने में काफी समस्या हो रही हैं. अमित महतो ने विद्यालय प्रशासन को आश्वस्त करते हुए कहा कि जिला प्रशासन के अधिकारियों, डीईओ और शिक्षा मंत्री झारखंड सरकार से लिखित रूप से मांग की जायेगी कि जल्द ही क्षेत्रीय भाषाओं के शिक्षकों की बहाली पूर्वी सिंहभूम जिला के साथ-साथ पुरे झारखंड में किया जाए, ताकि झारखंड अलग राज्य का सार्थक सिद्ध हो सके. अतिथियों ने कुङमाली और संथाली भाषाओं में बच्चों के बीच अपना संबोधन रखा. इस मौके पर मुखिया कांहाई माहली, अध्यक्ष मदन महतो, झारखंड आंदोलनकारी हरिशंकर महतो, डॉ आदित्य महतो,भूषण महतो, रविन्द्रनाथ महतो, लव महतो, कुङमाली प्रोफेसर मृत्युंजय महतो, संथाली शिक्षक कुंवर माहली , ग्राम प्रधान फनीन्द्र महतो, बीआरसी अधिकारी पशुपति महतो, पूर्व मुखिया वीणापानी मार्डी समेत अन्य उपस्थित थे.




