जमशेदपुर : इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ जी संजीवा रेड्डी ने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में उद्योग और कर्मचारी को बचाना कठिन चुनौती हैं. सरकार धीरे धीरे सभी पब्लिक सेक्टर यूनिट (पीएसयू) को बेच रही है. स्टील उद्योग को बचाने के लिए कोई विशेष प्रावधान नहीं किया गया है. चार लेबर कोड में जो भई मजदूर विरोधी कानून है, उसके खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा और सरकार को इसे सुधारनना ही होगा. उन्होंने सभी इंटक यूनियनों को एकजुट होने की अपील भी की. श्री रेड्डी राजस्थान के जोधपुर में इंटक के राष्ट्रीय महासचिव संजय सिंह की बेटी की शादी समारोह में शामिल होने पर पहुंचे नेताओं को संबोधित कर रहे थे. इस शादी में जमशेदपुर से भी टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु, पूर्व अध्यक्ष आर रवि प्रसाद, उपाध्यक्ष शहनवाज आलम, टाटा स्टील यूटिलिटीज यूनियन के अध्यक्ष रघुनाथ पांडेय, टाटा मोटर्स यूनियन के महासचिव आरके सिंह, बोकारो स्टील यूनियन के बीएन चौबे समेत तमाम पदाधिकारी मौजूद थे. इस दौरान मुख्य तौर पर स्टील कंपनियों की चुनौतियों पर चर्चा की गयी. (नीचे भी पढ़ें)

इस दौरान रघुनाथ पांडेय और आर रवि प्रसाद ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को उच्च पेंशन स्कीम का लाभ मिल रहा है. लेकिन सरकार को 2014 से पहले सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को भी इसका लाभ मिलना चाहिए. इसके लिए यूनियन केस भी करेगी. विशाखापत्तनम स्टील यूनियन के महासचिव राजशेखर मंत्री ने प्रबंधन द्वारा पिछले वेज रिवीजन समझौता के तहत मिलने वाली एरियर का पूरा भुगतान नहीं किया है. प्रबंधन ने वेतन को उत्पादन से जोड़ दिया है जो काफी नुकसानदायक है. टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु ने टाटा स्टील में वेज रिवीजन समझौता के लिए वार्ता शुरू होने की बात कही. इस दौरान वाइजैक स्टील के महामंत्री राजशेखर मंत्री ने कहा कि सरकार स्टील प्लांट को कोई सहयोग नहीं कर रही है. वेज रिवीजन का पैसा तक पूरा सरकार नहीं दी है. कर्मचारियों के बोनस को प्रोडक्शन लिंक्ड कर दिया है, जो गलत है. उन्होंने कहा कि इस चुनौती से निबटने के लिए सारे स्टील कंपनियों के लोगों को आगे आना होगा. इस दौरान चार नये लेबर कोड पर उपाध्यक्ष शहनवाज आलम की पुस्तक को भी रिलीज किया गया.







