
जमशेदपुर : झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में स्थित आइटीआइ (इंडस्ट्रियल टेक्नीकल ट्रेनिंग), जगन्नाथपुर के 2017-2019 बैच के 13 से अधिक विद्यार्थियों को हाल ही में जमशेदपुर के टाटा मोटर्स में अप्रेंटिसशिप का अवसर प्राप्त हुआ. इन 13 विद्यार्थियों ने आईटीआई, जगन्नाथपुर से 2 वर्ष का इलेक्ट्रीशियन और फिटर कोर्स किया है. टाटा मोटर्स की अप्रेंटिसशिप की अवधि एक साल की होती है, जिसमें इन विद्यार्थियों को इस प्रकार से हुनरमंद बनाया जाएगा और तैयार किया जाएगा, ताकि इन्हें पूरे देश में विभिन्न कंपनियों में स्थायी रोजगार मिले. नोआमुंडी के लखनसई गांव की मूल निवासी 21 वर्षीय मितु बारिक उन 13 विद्यार्थियों में से एक हैं, जिसने इस संस्थान के माध्यम से प्लेसमेंट का अवसर प्राप्त किया है. मितु नोआमुंडी की कई लड़कियों में से एक थीं, जिनके पास कॅरियर का रास्ता नहीं था. अपने स्कूल कस्तूरबा बालिका विद्यालय में टाटा स्टील फाउंडेशन द्वारा आयोजित एक कॅरियर परामर्श सत्र से प्रेरणा लेकर उसने आइटीआइ, जगन्नाथपुर में इलेक्ट्रीशियन ट्रेनिंग कोर्स में नामांकन करने का निर्णय लिया. हालांकि, उसके पास अपने सपनों को साकार करने का साधन नहीं था और यही वो वक्त था, जब टाटा स्टील फाउंडेशन ने उसे अपनी पढ़ाई के लिए पूरा समर्थन देने का फैसला किया और उसकी शैक्षणिक फीस माफ कर दी. हृदय से आभारी महसूस करने वाली मीतू बारिक कहती हैं कि मैं टाटा स्टील की शुक्रगुजार हूं कि उन्होंने मुझ पर विश्वास किया और आईटीआई इंस्टीट्यूट में मेरी एकेडमिक फीस भरने मेरी मदद की और रहने की व्यवस्था की. दुनिया में बहुत कम लोग आज ऐसा करते हैं या ऐसा करने की सोचते हैं. मुझे सही समय पर टाटा स्टील फाउंडेशन का परामर्श व सहयोग मिला और मैंने उनकी सलाह का पालन किया. आईटीआई जगन्नाथपुर की स्थापना 2017 में टाटा स्टील द्वारा की गई थी, जिसका उद्देश्य इस क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं के तकनीकी तौर पर हुनरमंद बना कर इस कौशल-वृद्धि के माध्यम से रोजगार के योग्य बनाना था. वर्तमान में, आईटीआई जगन्नाथपुर में चार अलग-अलग तकनीकी पाठ्यक्रम (कोर्स) हैं, जैसे- इलेक्ट्रीशियन, फिटर, टर्नर और वेल्डर. 2017-2019 के बैच से 45 से अधिक विद्यार्थियों ने टाटा मोटर्स, सुजुकी मोटर्स और ब्रेक्स इंडिया आदि जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों में प्लेसमेंट और अप्रेंटिसशिप हासिल किया है.






